31 अगस्त, 2025। श्रीडूंगरगढ़ अंचल में आज प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। मानो पूरे सावन महीने की कसर आज ही पूरी कर दी हो। आसमान से बरसती बूंदों ने श्रीडूंगरगढ़ को पानी-पानी कर दिया।
शहर में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
श्रीडूंगरगढ़ रोही के किसान हरि जाखड़ ने बताया कि लगभग 25-25 आंगल तक बारिश हुई है। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उदरासर गाँव में खेत पानी से लबालब भर गए।
आड़सर में भी बारिश ने अपना असर दिखाया। सड़क के किनारे कटाव आ गया, जिसे तत्काल भरवाने का काम शुरू कर दिया गया ताकि आवागमन बाधित न हो।
शहर में सड़कों पर पानी इस कदर बह रहा था, मानो नदियाँ सड़कों पर उतर आई हों। और बारिश का यह भीषण दौर अभी भी जारी है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
आज माह का अंतिम रविवार होने के कारण बाजार में अवकाश था। लेकिन, बारिश शुरू होते ही कई दुकानदार अपनी दुकानों को संभालने के लिए भागे-भागे पहुंचे। निचले इलाकों में स्थित दुकानों के मालिक अपनी दुकानों में पानी घुसने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करते नजर आए।
बारिश की इस अप्रत्याशित तीव्रता ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह प्रकृति का कोई संकेत है, या जलवायु परिवर्तन का परिणाम? जो भी हो, इस घटना ने एक बार फिर हमें प्रकृति के सामने अपनी सीमाओं का एहसास करा दिया है।