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25 नवंबर 2025 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

आज का दिन, यानी 25 नवंबर, 2025, मंगलवार का है। पंचांग के अनुसार, तिथि पंचमी है, जो रात 10:58 तक रहेगी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जो रात 11:58 तक आकाश में अपनी आभा बिखेरेगा। करण बव और बालव सुबह 10:14 तक रहेंगे। पक्ष शुक्ल है और योग गण्ड दोपहर 12:49 तक रहेगा।

शास्त्रों में पंचांग के हर अंग का महत्व बताया गया है। तिथि के श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है, वार के श्रवण से आयु बढ़ती है, नक्षत्र के श्रवण से पापों का नाश होता है, योग के श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है और करण के श्रवण से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

आज सूर्योदय सुबह 7:03 पर हुआ और सूर्यास्त शाम 5:38 पर होगा। चंद्रमा मकर राशि में है और दक्षिण दिशा में वास करेगा। ऋतु हेमंत है। विक्रम संवत 2082 है और मास मार्गशीर्ष है।

दिन में अभिजीत मुहूर्त 11:59 AM से 12:41 PM तक रहेगा। वहीं, अशुभ समय में दुष्टमुहूर्त, कंटक, यमघण्ट, राहु काल, कुलिक, कालवेला/अर्द्धयाम और यमगण्ड शामिल हैं। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा।

ताराबल भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों के लिए शुभ है। चन्द्रबल मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर और मीन राशियों के लिए शुभ है।

आज के दिन के लिए चोघड़िया भी बताए गए हैं, जिनमें रोग, उद्वेग, चल, लाभ, अमृत, काल और शुभ शामिल हैं। लग्न तालिका के अनुसार, विभिन्न लग्न विभिन्न समयों पर प्रभावी रहेंगे।

पंचांग के अंत में, दिन को मंगलमय बनाने की कामना की गई है। मंगलवार के दिन क्षौरकर्म से बचने की सलाह दी गई है और हनुमान जी की पूजा और व्रत करने का महत्व बताया गया है। हनुमान चालीसा और सुन्दर काण्ड का पाठ करने, उन्हें लाल गुलाब और इत्र अर्पित करने, और बूंदी या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाने की सलाह दी गई है। मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति और बल, साहस और सम्मान में वृद्धि होती है। मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से मुकदमे और राजद्वार में सफलता मिलती है, और उत्तम भूमि और भवन का सुख मिलता है।

आज विवाह पंचमी और नाग पंचमी भी है।

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