श्री गणेशाय नम:। आज का दिन, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के शुभ संयोगों से परिपूर्ण है। शास्त्रों में वर्णित है कि पंचांग के श्रवण मात्र से माँ लक्ष्मी की कृपा, आयु में वृद्धि और पापों का नाश होता है। प्रियजनों का प्रेम अटूट रहता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज, विक्रम संवत 2082, शाके 1947 विश्वावसु, काली सम्वत 5126 और भाद्रपद मास की द्वितीया तिथि है। सूर्योदय 06:08 बजे हुआ और सूर्यास्त 07:03 बजे होगा। चंद्रमा 07:52 बजे उदित होगा और 08:14 बजे अस्त। ऋतु शरद है।
दिन के शुभ और अशुभ समयों का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त 12:10 PM से 01:01 PM तक रहेगा। राहु काल 07:45 AM से 09:22 AM तक रहेगा, इसलिए शुभ कार्यों को करते समय इन समयों का ध्यान रखना चाहिए।
आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा।
ताराबल में भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद और रेवती नक्षत्र शुभ हैं। चन्द्रबल मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ और मीन राशियों के लिए अनुकूल है।
दिन के विभिन्न समयों के लिए चोघड़िया भी दिए गए हैं, जिनसे शुभ और अशुभ समयों का अनुमान लगाया जा सकता है।
लग्न तालिका के अनुसार, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, मीन, मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क लग्न विभिन्न समयों पर प्रभावी रहेंगे।
आज सोमवार है, जो भगवान शंकर की आराधना का दिन है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान शंकर का अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है और काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है। सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
शुभ फलों की प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाने से भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है और परिवार से रोग दूर रहते हैं। शिव पुराण के अचूक मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” का जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज बाबा रामदेव जी का दूज (640 वाँ मेला) और श्री वराह जयंती भी है।
यह जानकारी पंडित विष्णुदत्त शास्त्री द्वारा प्रदान की गई है।