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24 फरवरी 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्री गणेशाय नम:

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

24 – Feb – 2026
Sri Dungargarh, India

पंचांग
तिथि :
सप्तमी 07:04 AM
अष्टमी 07:04 AM
नक्षत्र कृत्तिका 03:07 PM
करण :
वणिज 07:04 AM
विष्टि 07:04 AM
पक्ष शुक्ल
योग :
एन्द्र 07:23 AM
वैधृति 07:23 AM
वार मंगलवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 07:04 AM
चन्द्रोदय 11:13 AM
चन्द्र राशि वृषभ
चन्द्र वास दक्षिण
सूर्यास्त 06:30 PM
चन्द्रास्त +01:51 AM
ऋतु वसंत

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
कलि सम्वत 5127
दिन काल 11:26 AM
विक्रम सम्वत 2082
मास अमांत फाल्गुन
मास पूर्णिमांत फाल्गुन

शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित 12:24:37 – 13:10:22
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 09:21 AM – 10:07 AM
कंटक 07:50 AM – 08:35 AM
यमघण्ट 10:53 AM – 11:38 AM
राहु काल 03:39 PM – 05:04 PM
कुलिक 01:56 PM – 02:41 PM
कालवेला या अर्द्धयाम 09:21 AM – 10:07 AM
यमगण्ड 09:55 AM – 11:21 AM
गुलिक काल 12:47 PM – 02:13 PM
दिशा शूल
दिशा शूल उत्तर

चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

चोघडिया

रोग 07:04:18 – 08:30:06
उद्वेग 08:30:06 – 09:55:53
चल 09:55:53 – 11:21:41
लाभ 11:21:41 – 12:47:29
अमृत 12:47:29 – 14:13:17
काल 14:13:17 – 15:39:05
शुभ 15:39:05 – 17:04:54
रोग 17:04:54 – 18:30:42
काल 18:30:42 – 20:04:46
लाभ 20:04:46 – 21:38:51
उद्वेग 21:38:51 – 23:12:56
शुभ 23:12:56 – 24:47:01
अमृत 24:47:01 – 26:21:06
चल 26:21:06 – 27:55:11
रोग 27:55:11 – 29:29:16
काल 29:29:16 – 31:03:20

लग्न तालिका

कुम्भ स्थिर
शुरू: 06:32 AM समाप्त: 08:01 AM

मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:01 AM समाप्त: 09:26 AM

मेष चर
शुरू: 09:26 AM समाप्त: 11:02 AM

वृषभ स्थिर
शुरू: 11:02 AM समाप्त: 12:58 PM

मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 12:58 PM समाप्त: 03:13 PM

कर्क चर
शुरू: 03:13 PM समाप्त: 05:34 PM

सिंह स्थिर
शुरू: 05:34 PM समाप्त: 07:51 PM

कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 07:51 PM समाप्त: 10:07 PM

तुला चर
शुरू: 10:07 PM समाप्त: अगले दिन 00:26 AM

वृश्चिक स्थिर
शुरू: अगले दिन 00:26 AM समाप्त: अगले दिन 02:45 AM

धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 02:45 AM समाप्त: अगले दिन 04:49 AM

मकर चर
शुरू: अगले दिन 04:49 AM समाप्त: अगले दिन 06:32 AM

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।

मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।

मंगलवार के व्रत से सुयोग्‍य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।

मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है

होलाष्टक प्रारंभ
आज होलाष्टक की शुरुआत हो रही है, जो 3 मार्च तक रहेगा. इस दौरान शुभ कार्य वर्जित रहेंगे !
होलाष्टक में क्या करें, क्या न करें :-
इस दौरान शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नया काम शुरू करना या कोई भी शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है. होलाष्टक का विशेष महत्व माना जाता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के दौरान कुछ काम करने से बचना चाहिए, वहीं कुछ ऐसे कार्य हैं जो करना शुभ माना जाता है. तो आइए जानते हैं उन कार्यों के बारे में.
– शादी, सगाई या कोई भी मांगलिक कार्य न करें.
– गृह प्रवेश, नया घर या ऑफिस शुरू करने से बचें.
– नया वाहन या महंगी चीज खरीदने से बचें.
– मुंडन, नामकरण जैसे संस्कार न कराएं.
– बड़े निवेश या नए बिजनेस की शुरुआत टालें.
– किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से बचें.

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE

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