जैसे ही सूर्य की पहली किरण ने धरा को स्पर्श किया, पंचांग के श्लोकों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। मान्यता है कि तिथि का श्रवण माँ लक्ष्मी की कृपा का आह्वान करता है, वार का श्रवण आयु में वृद्धि लाता है, नक्षत्र पापों का नाश करता है, योग प्रियजनों के प्रेम को अक्षुण्ण रखता है, और करण सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करता है। इसलिए, विद्वानों का मत है कि प्रत्येक व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग का अवलोकन और पठन करना चाहिए।
आज, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो 11:50 AM तक रहेगी। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है, जो 02:06 AM तक विद्यमान रहेगा। योग शिव 12:29 PM तक रहेगा। सूर्योदय 06:08 AM पर हुआ और सूर्यास्त 07:04 PM पर होगा। चंद्रोदय 06:56 AM पर हुआ और चंद्रास्त 07:45 PM पर होगा, चंद्र राशि सिंह है। ऋतु शरद है।
पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त 12:10 PM से 01:02 PM तक रहेगा। राहु काल 05:27 PM से 07:04 PM तक रहेगा, इसलिए इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है।
आज रविवार है, जो सूर्य देव को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इसलिए, भक्त तांबे के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दे रहे हैं। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और यथासंभव मीठा भोजन करना भी शुभ माना जाता है। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, और उन्हें जल देने से पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है।
इसके अतिरिक्त, रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन और आराधना का भी विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इससे समस्त भय और संकट दूर होते हैं, और साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। भक्त आज मंदिरों में भैरव जी के दर्शन कर रहे हैं और “ॐ काल भैरवाय नमः” या “ॐ श्री भैरवाय नमः” मंत्र का जाप कर रहे हैं, जिससे संकटों से मुक्ति, रोगों से बचाव और मनोवांछित लाभ की प्राप्ति हो सके।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री, जो ज्योतिष और कर्मकांड के ज्ञाता हैं, इस दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हैं और लोगों को शुभ कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं।