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23 नवंबर 2025 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

प्रातः काल श्री गणेश के स्मरण के साथ दिन की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। आज का दिन, रविवार, अनेक संभावनाओं से भरा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण – इन पांच अंगों से मिलकर पंचांग बनता है। मान्यता है कि इनका नित्य पठन और श्रवण जीवन में शुभ फल प्रदान करता है।

आज तृतीया तिथि है, जो सायं 07:26 तक रहेगी। नक्षत्र मूल है, जो सायं 07:28 तक आकाश में विद्यमान रहेगा। करण गर है, पक्ष शुक्ल है और योग धृति दोपहर 12:08 तक रहेगा।

सूर्य देव आज प्रात: 07:01 बजे उदित हुए और सायं 05:38 बजे अस्त होंगे। चंद्रोदय प्रात: 09:43 बजे होगा और चंद्रास्त सायं 07:51 बजे। चंद्रमा धनु राशि में विराजमान रहेंगे और चंद्र वास पूर्व दिशा में होगा। ऋतु हेमंत की है।

विक्रम संवत 2082 है और मास मार्गशीर्ष। दिन का काल 10 घंटे, 37 मिनट और 15 सेकंड का होगा।

पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:58 से 12:41 तक रहेगा। राहु काल सायं 04:19 से 05:38 तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है।

ताराबल अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा आदि नक्षत्रों के लिए शुभ है। चन्द्रबल मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ और मीन राशियों के लिए अनुकूल है।

दिन के विभिन्न कार्यों के लिए चोघड़िया मुहूर्त भी दिए गए हैं, जिनके अनुसार समय का विभाजन किया गया है।

लग्न तालिका के अनुसार, वृश्चिक लग्न प्रात: 06:33 से 08:52 तक रहेगा।

रविवार को सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य पूजा करने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और यथासंभव मीठा भोजन करना भी फलदायी होता है।

इसके अतिरिक्त, रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन और आराधना से भय और संकट दूर होते हैं।

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE की ओर से सभी को मंगलमय दिन की शुभकामनाएं।

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