आज, तिथि द्वितीया है, जो रात्रि 10:47 तक रहेगी। शास्त्रों में तिथि के श्रवण और पठन को माँ लक्ष्मी की कृपा का कारक माना गया है। नक्षत्र विशाखा है, जो कल सुबह 04:51 तक रहेगा, जिसके पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है।
आज का करण बालव और कौलव है, जिसके पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शुक्ल पक्ष है और योग आयुष्मान है जो कल सुबह 04:59 तक रहेगा, जिसके पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है। आज वार गुरुवार है, जिसके पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
सूर्योदय 06:38 बजे हुआ और सूर्यास्त 05:57 बजे होगा। चन्द्रोदय 08:09 बजे होगा और चन्द्रास्त 06:48 बजे होगा। ऋतु शरद है।
पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त 11:55 AM से 12:40 PM तक रहेगा। वहीं, दुष्टमुहूर्त, राहु काल, कुलिक, कालवेला और यमगण्ड जैसे अशुभ समय भी बताए गए हैं, जिनमें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा।
पंचांग में ताराबल और चन्द्रबल की भी गणना की गई है, जो विभिन्न राशियों के जातकों के लिए शुभ और अशुभ फलदायक हो सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, दिन और रात के विभिन्न समयों के लिए चोघड़िया भी दी गई है, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय का निर्धारण करने में सहायक होती है।
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, गुरुवार के दिन कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए, जैसे कि सर धोना, शरीर में साबुन लगाकर नहाना और कपड़े धोना, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे घर से लक्ष्मी रूठ जाती हैं। वहीं, कुछ विशेष उपाय करने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं और दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है।
गुरुवार को भगवान विष्णु की उपासना करने और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने का भी विशेष महत्व बताया गया है।