आज का दिन, शुक्रवार, शुभ संकल्पों और दैवीय अनुग्रह का आह्वान करता है। श्री गणेश के स्मरण के साथ, पंचांग हमें बताता है कि समय की लय में माँ लक्ष्मी की कृपा, आयु में वृद्धि, पापों का नाश और प्रियजनों का स्नेह छिपा है। करण के श्रवण से मनोकामनाओं की पूर्ति का आश्वासन मिलता है, इसलिए जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग का अवलोकन एक उपयोगी परंपरा है।
आज, तिथि चतुर्दशी है, जो पूर्वाह्न 11:58 तक रहेगी, नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 00:17 तक विद्यमान रहेगा, और योग वरियान दोपहर 02:35 तक रहेगा। सूर्योदय 06:07 बजे हुआ और सूर्यास्त 07:06 बजे होगा, जो दिन को लगभग 13 घंटे का बनाता है। ऋतु वर्षा है, जो प्रकृति को नवजीवन प्रदान करती है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समयों का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 से 01:02 तक रहेगा। राहु काल 10:59 से 12:36 तक रहेगा, इसलिए इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, इसलिए उस दिशा में यात्रा करने से पहले सावधानी बरतें।
ताराबल और चन्द्रबल की गणनाएँ भी दी गई हैं, जो बताती हैं कि कौन से नक्षत्र और राशियाँ आज अनुकूल हैं।
आज के दिन को और भी शुभ बनाने के लिए, पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री कुछ उपाय बताते हैं। शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाने और उन्हें पीले चंदन का तिलक लगाने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” और “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” करने से धन लाभ और संकटों का नाश होता है। माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है।
पण्डित के अनुसार, शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में सुख, ऐश्वर्य, दाम्पत्य सुख, बड़ा भवन और विदेश यात्रा के योग बनते हैं।
यह पंचांग, समय के ताने-बाने में बुने शुभ-अशुभ क्षणों का एक दर्पण है, जो हमें अपने कर्मों को धर्म के मार्ग पर चलाने और जीवन को अधिक सार्थक बनाने के लिए प्रेरित करता है।