श्री गणेश को प्रणाम!
शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पाठ और श्रवण से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, वार के पाठ और श्रवण से आयु बढ़ती है, नक्षत्र के पाठ और श्रवण से पापों का नाश होता है, योग के पाठ और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है। करण के पाठ और श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए, जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग का अवलोकन और पठन करना चाहिए।
आज का पंचांग, श्रीडूंगरगढ़ के लिए इस प्रकार है:
* **तिथि:** द्वादशी (दोपहर 03:58 तक)
* **नक्षत्र:** अश्विनी (रात्रि 08:52 तक)
* **करण:** बालव, कौलव (दोपहर 03:58 तक)
* **पक्ष:** शुक्ल
* **योग:** वरियान (रात्रि 09:07 तक)
* **वार:** मंगलवार
* **सूर्योदय:** प्रातः 07:08
* **चंद्रोदय:** दोपहर 03:13
* **चंद्र राशि:** मेष (चंद्र वास पूर्व दिशा में)
* **सूर्यास्त:** सायं 05:37
* **चंद्रास्त:** प्रातः 05:03
* **ऋतु:** हेमंत
हिन्दू मास एवं वर्ष की गणना इस प्रकार है:
* **शक सम्वत:** 1947 विश्वावसु
* **काली सम्वत:** 5126
* **दिन काल:** 10:29:17
* **विक्रम सम्वत:** 2082
* **मास अमांत:** मार्गशीर्ष
* **मास पूर्णिमांत:** मार्गशीर्ष
दिन में शुभ और अशुभ समय इस प्रकार रहेंगे:
* **अभिजीत मुहूर्त:** दोपहर 12:02 से 12:44 तक
* **दुष्टमुहूर्त:** प्रातः 09:14 से 09:56 तक
* **कंटक:** प्रातः 07:50 से 08:32 तक
* **यमघण्ट:** प्रातः 10:38 से 11:20 तक
* **राहु काल:** दोपहर 03:00 से 04:19 तक
* **कुलिक:** दोपहर 01:26 से 02:08 तक
* **कालवेला / अर्द्धयाम:** प्रातः 09:14 से 09:56 तक
* **यमगण्ड:** प्रातः 09:45 से 11:04 तक
* **गुलिक काल:** दोपहर 12:23 से 01:41 तक
आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा।
ताराबल अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती नक्षत्रों के लिए शुभ है।
चन्द्रबल मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ राशियों के लिए शुभ है।
दिन के चोघड़िया इस प्रकार रहेंगे:
* **दिन:** रोग, उद्वेग, चल, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग
* **रात्रि:** काल, लाभ, उद्वेग, शुभ, अमृत, चल, रोग, काल
लग्न तालिका के अनुसार, लग्न का विवरण इस प्रकार है: वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, मीन, मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला।
आज का दिन मंगलमय हो!
मंगलवार के दिन क्षौरकर्म (बाल या दाढ़ी कटवाना) वर्जित है, क्योंकि इससे आयु कम होती है। इस दिन हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से वे प्रसन्न होते हैं। हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना विशेष फलदायी होता है। यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करें, उन्हें लाल गुलाब और इत्र अर्पित करें, और बूंदी, लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत और बुरी नजर से बचाव होता है, और शत्रु परास्त होते हैं। मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है और बल, साहस और सम्मान में वृद्धि होती है।
आज धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से मुकदमे और राजद्वार में सफलता मिलती है, और उत्तम भूमि एवं भवन का सुख प्राप्त होता है।
आज मोक्षदा एकादशी का पारण है और मत्स्य द्वादशी भी है।
(पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE)