डूंगरगढ़ one 12 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत सामाजिक लेखा परीक्षा जवाबदेही एवं पारदर्शिता सोसायटी, जयपुर के तहत कार्यरत प्रदेशभर के 900 से अधिक ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (BRP) पिछले करीब दो साल से बिना भुगतान के सामाजिक अंकेक्षण का कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2023 से अब तक भुगतान नहीं होने से संसाधन व्यक्तियों में भारी रोष है।
ये संसाधन व्यक्ति राज्य में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, 15वें वित्त आयोग और मिड-डे मील योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने का काम करते हैं।
सामाजिक अंकेक्षण बीआरपी संघ राजस्थान के अनुसार भुगतान की मांग को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और सोसायटी के निदेशक को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
संघ का कहना है कि संसाधन व्यक्ति मजबूरी में बिना भुगतान के लगातार काम कर रहे हैं। सोसायटी की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई संसाधन व्यक्ति सामाजिक अंकेक्षण कार्य का बहिष्कार करता है या ऑडिट निरस्त करता है तो उसे सेवा से हटा दिया जाएगा।
वर्तमान में संसाधन व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर मुख्य सचिव को ज्ञापन देने के साथ-साथ राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 पर शिकायत दर्ज करवा रहे हैं और जल्द भुगतान की मांग कर रहे हैं।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मार्च माह तक सभी लंबित भुगतान नहीं किए गए तो राज्यभर में होने वाले सामाजिक अंकेक्षण कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा और जिला मुख्यालयों व राज्य स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
BRP बाबूलाल गर्ग ने बताया कि पहले संसाधन व्यक्तियों को 500 रुपए प्रतिदिन भुगतान मिलता था, जिसे नवंबर 2025 में बढ़ाकर 550 रुपए प्रतिदिन किया गया, लेकिन आज तक बढ़ी हुई दर का लाभ भी नहीं दिया गया। दूर-दराज की ग्राम पंचायतों में ऑडिट के लिए जाने का यात्रा खर्च भी उन्हें खुद वहन करना पड़ता है, जबकि महीने में अधिकतम 15 दिन ही काम मिल पाता है।
ऐसे में संसाधन व्यक्ति अपने बकाया भुगतान के लिए भटकने को मजबूर हैं और सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।