आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जो प्रातः 7:33 तक रहेगी, तत्पश्चात द्वादशी आरम्भ हो जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है और इसे माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए उत्तम माना जाता है।
नक्षत्र की बात करें तो आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र सायं 5:04 तक रहेगा। करण विष्टि प्रातः 7:33 तक है, जिसके बाद बव करण लगेगा। योग व्याघात रात्रि 11:10 तक है।
सूर्य और चन्द्र की स्थिति पर गौर करें तो सूर्योदय प्रातः 6:45 पर हुआ, और सूर्यास्त सायं 5:49 पर होगा। चन्द्रोदय दोपहर 3:33 पर होगा और चन्द्रास्त अगली सुबह 4:02 पर। चंद्र राशि कुंभ प्रातः 11:27 तक रहेगी। वर्तमान में हेमंत ऋतु का प्रभाव है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:55 से 12:39 तक रहेगा। वहीं, राहु काल सायं 4:26 से 5:49 तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है।
ताराबल की बात करें तो भरणी, रोहिणी, आर्द्रा आदि नक्षत्र शुभ फलदायक रहेंगे। चन्द्रबल मेष, वृषभ, सिंह, कन्या आदि राशियों के लिए अनुकूल है।
आज के दिन, रविवार होने के कारण, सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सूर्य पूजा से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। तांबे के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करना और मीठा भोजन करना भी फलदायी होता है।
इसके अतिरिक्त, रविवार को भैरव जी की आराधना से भय और संकट दूर होते हैं, और साहस की प्राप्ति होती है।
आज देवउठनी एकादशी व्रत भी है, जो भगवान विष्णु के शयन से जागने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन तुलसी विवाह का भी आयोजन किया जाता है, जो हिन्दू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है।