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फांसी का फंदा लगाकर युवक ने अपनी जीवनलीला समाप्त की।  |  1 अप्रैल 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  |  बिग्गाजी मंदिर में सैंकड़ो श्रद्धालुओं ने लगाई धोक, ध्वजा बांध मांगी मन्नतें।  |  धड़ देवली धाम में आस्था का सैलाब, बिग्गाजी महाराज के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं ने टेका माथा  |  ब्राइट फ्यूचर के सितारों ने 12वीं में किया नाम रोशन, हासिल किया बेहतरीन  | 

2 अक्टूबर 2025 का पंचांग साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ

आज गुरुवार है और सूर्योदय 06:26 बजे हुआ, जबकि सूर्यास्त 06:19 बजे होगा। चन्द्रोदय दोपहर 03:20 बजे और चन्द्रास्त देर रात 02:07 बजे होगा। ऋतु शरद है और चन्द्र राशि मकर है, जिसका वास दक्षिण दिशा में है।

आज विक्रम संवत 2082, शक सम्वत 1947 विश्वावसु और काली सम्वत 5126 है। मास अमांत आश्विन और मास पूर्णिमांत भी आश्विन है। दिन काल 11:52:32 का रहेगा।

आज विजयदशमी का महापर्व है। यह पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन सत्य की असत्य पर विजय का प्रतीक है। यह पर्व भगवान श्रीराम द्वारा रावण के वध और माता दुर्गा द्वारा शुंभ-निशुंभ जैसे असुरों के वध के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम, माँ अपराजिता देवी, शस्त्रों और शमी के वृक्ष की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इसी दिन कुबेर देव ने राजा रघु को स्वर्ण मुद्राएं देने के लिए शमी के वृक्ष के पत्तों को सोने का बना दिया था, इसलिए शमी को सोना देने वाला पेड़ माना जाता है।

आज संध्या के समय शमी के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने से सुख-समृद्धि, युद्ध और मुकदमों में विजय मिलती है, शत्रुओं का भय समाप्त होता है, और आरोग्य व धन की प्राप्ति होती है। यह भी माना जाता है कि विजय दशमी के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन अत्यंत शुभ होता है और इससे पूरे वर्ष शुभ फल प्राप्त होते हैं।

आज गांधी जयंती भी है।

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