शास्त्रों में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के पठन और श्रवण का महत्व बताया गया है। मान्यता है कि तिथि के श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा, वार के श्रवण से आयु में वृद्धि, नक्षत्र के श्रवण से पापों का नाश, योग के श्रवण से प्रियजनों का प्रेम और करण के श्रवण से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
आज का पंचांग इस प्रकार है: तिथि एकादशी है, जो 11:14 AM तक रहेगी। नक्षत्र मघा 01:58 PM तक रहेगा। करण बालव, कौलव 11:14 AM तक रहेंगे। पक्ष कृष्ण है और योग शुक्ल 01:48 AM तक रहेगा। वार शुक्रवार है।
सूर्य और चन्द्र से संबंधित गणनाएँ इस प्रकार हैं: सूर्योदय 06:35 AM पर हुआ और सूर्यास्त 06:03 PM पर होगा। चन्द्रोदय 03:37 AM पर हुआ और चन्द्रास्त 03:50 PM पर होगा। चन्द्र राशि सिंह है और ऋतु शरद है।
हिन्दू मास एवं वर्ष के अनुसार, शक सम्वत 1947 विश्वावसु, काली सम्वत 5126, दिन काल 11:28:04, विक्रम सम्वत 2082, मास अमांत आश्विन और मास पूर्णिमांत कार्तिक है।
दिन में अभिजीत मुहूर्त 11:56 AM से 12:42 PM तक रहेगा। वहीं, दुष्टमुहूर्त, कंटक, यमघण्ट, राहु काल, कुलिक, कालवेला / अर्द्धयाम, यमगण्ड और गुलिक काल भी दिन में विभिन्न समयों पर रहेंगे। दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा।
ताराबल अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों के लिए शुभ है। चन्द्रबल मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक और कुम्भ राशियों के लिए शुभ है।
दिन में विभिन्न कार्यों के लिए चोघडिया और लग्न तालिका भी दी गई है, जिनका उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है।
आज शुक्रवार होने के कारण, भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाने और उन्हें पीले चन्दन का तिलक करने से माँ लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं। साथ ही, श्री सूक्त, महालक्ष्मी अष्टकम और माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नामों का पाठ करने से धन लाभ और संकटों से मुक्ति मिलती है।
पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE की ओर से रमा एकादशी व्रत का संदेश भी दिया गया है।