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17 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  |  गौसेवा में समर्पण से कई पीढियों को मिलता है पुण्य  |  घोषित की गई बजरंग दल की कार्यकारिणी, जानें किसे मिला क्या दायित्व  |  हर्षोल्लास के साथ मना रहें गणगौर बनोरे, शामिल हो रही महिलाएं व युवतियां  |  लूट के मामले में 12 साल बाद चार आरोपी हुए बरी, फरार का फैसला लंबित  | 

17 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्री गणेशाय नम:

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

17 – Mar – 2026
Sri Dungargarh, India

पंचांग
तिथि त्रयोदशी 09:25 AM
नक्षत्र शतभिषा +06:09 AM
करण :
वणिज 09:25 AM
विष्टि 09:25 AM
पक्ष कृष्ण
योग :
सिद्ध 08:14 AM
साघ्य 08:14 AM
वार मंगलवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:42 AM
चन्द्रोदय +06:04 AM
चन्द्र राशि कुम्भ
चन्द्र वास पश्चिम
सूर्यास्त 06:43 PM
चन्द्रास्त 05:07 PM
ऋतु वसंत

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
कलि सम्वत 5127
दिन काल 12:01 PM
विक्रम सम्वत 2082
मास अमांत फाल्गुन
मास पूर्णिमांत चैत्र

शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित 12:18:40 – 13:06:45
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 09:06 AM – 09:54 AM
कंटक 07:30 AM – 08:18 AM
यमघण्ट 10:42 AM – 11:30 AM
राहु काल 03:43 PM – 05:13 PM
कुलिक 01:54 PM – 02:42 PM
कालवेला या अर्द्धयाम 09:06 AM – 09:54 AM
यमगण्ड 09:42 AM – 11:12 AM
गुलिक काल 12:42 PM – 02:12 PM
दिशा शूल
दिशा शूल उत्तर

चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद
चन्द्रबल
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ

चोघडिया

रोग 06:42:05 – 08:12:15
उद्वेग 08:12:15 – 09:42:24
चल 09:42:24 – 11:12:34
लाभ 11:12:34 – 12:42:43
अमृत 12:42:43 – 14:12:52
काल 14:12:52 – 15:43:02
शुभ 15:43:02 – 17:13:11
रोग 17:13:11 – 18:43:20
काल 18:43:21 – 20:13:03
लाभ 20:13:03 – 21:42:45
उद्वेग 21:42:45 – 23:12:27
शुभ 23:12:27 – 24:42:09
अमृत 24:42:09 – 26:11:51
चल 26:11:51 – 27:41:33
रोग 27:41:33 – 29:11:15
काल 29:11:15 – 30:40:57

लग्न तालिका

मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:38 AM समाप्त: 08:04 AM

मेष चर
शुरू: 08:04 AM समाप्त: 09:40 AM

वृषभ स्थिर
शुरू: 09:40 AM समाप्त: 11:36 AM

मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:36 AM समाप्त: 01:51 PM

कर्क चर
शुरू: 01:51 PM समाप्त: 04:11 PM

सिंह स्थिर
शुरू: 04:11 PM समाप्त: 06:28 PM

कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 06:28 PM समाप्त: 08:44 PM

तुला चर
शुरू: 08:44 PM समाप्त: 11:03 PM

वृश्चिक स्थिर
शुरू: 11:03 PM समाप्त: अगले दिन 01:22 AM

धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 01:22 AM समाप्त: अगले दिन 03:27 AM

मकर चर
शुरू: अगले दिन 03:27 AM समाप्त: अगले दिन 05:10 AM

कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 05:10 AM समाप्त: अगले दिन 06:38 AM

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।

मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।

मंगलवार के व्रत से सुयोग्‍य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।

मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है

विशेष:- अमावस्या कल
नवरात्रि स्थापना 19/03/2026 गुरुवार

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE

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