श्रीडूंगरगढ़, 17 नवंबर 2025। आज श्री गणेश की स्तुति के साथ दिन का आरम्भ करें। मान्यता है कि तिथि का श्रवण माँ लक्ष्मी की कृपा लाता है, वार सुनने से आयु बढ़ती है, नक्षत्र पापों का नाश करता है, योग प्रियजनों के साथ अटूट प्रेम का बंधन बनाता है, और करण सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करता है। इसलिए, शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग का अवलोकन करना चाहिए।
आज का पंचांग इस प्रकार है:
* **तिथि:** त्रयोदशी (पूर्ण रात्रि)
* **नक्षत्र:** चित्रा (प्रातः 05:01 तक)
* **करण:** गर (सायं 06:00 तक)
* **पक्ष:** कृष्ण
* **योग:** प्रीति (प्रातः 07:21 तक)
* **वार:** सोमवार
* **सूर्योदय:** प्रातः 06:56
* **चंद्रोदय:** प्रातः 05:07
* **चंद्र राशि:** कन्या (अपराह्न 03:35 तक)
* **सूर्यास्त:** सायं 05:40
* **चंद्रास्त:** अपराह्न 03:45
* **ऋतु:** हेमंत
* **शक सम्वत:** 1947 विश्वावसु
* **विक्रम सम्वत:** 2082
* **मास अमांत:** कार्तिक
* **मास पूर्णिमांत:** मार्गशीर्ष
आज का दिन 10 घंटे, 43 मिनट और 51 सेकंड का होगा।
* **अभिजीत मुहूर्त:** पूर्वाह्न 11:57 से अपराह्न 12:40 तक
दिन में कुछ अशुभ मुहूर्त भी रहेंगे, जिनका विवरण पंचांग में दिया गया है। दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा।
ताराबल और चन्द्रबल की स्थिति भी पंचांग में दी गई है, जो विभिन्न नक्षत्रों और राशियों के लिए भिन्न-भिन्न फलदायी होगी।
पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, सोमवार भगवान शंकर की आराधना का दिन है। इस दिन शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध चढ़ाने और “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” मंत्र का जाप करने से कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। आज सोम प्रदोष व्रत भी है।