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16 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  |  आज की इवनिंग न्यूज एक्सप्रेस।  |  कोटा में जांगिड़ ब्राह्मण फाउंडेशन का प्रतिभा सम्मान समारोह, राज्यमंत्री रामगोपाल सुथार हुए शामिल  |  छात्रावास में होंगे कई निर्माण कार्य, कुश्ती दंगल का हुआ पोस्टर विमोचन।  |  कितासर बीदावतान से देशनोक के लिए विशाल डाक ध्वजा यात्रा 22 मार्च को  | 

16 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्री गणेशाय नम:

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

16 – Mar – 2026
Sri Dungargarh, India

पंचांग
तिथि द्वादशी 09:43 AM
नक्षत्र धनिष्ठा +06:23 AM
करण :
तैतिल 09:43 AM
गर 09:43 AM
पक्ष कृष्ण
योग शिव 09:35 AM
वार सोमवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:43 AM
चन्द्रोदय +05:33 AM
चन्द्र राशि मकर
चन्द्र वास दक्षिण
सूर्यास्त 06:42 PM
चन्द्रास्त 04:07 PM
ऋतु वसंत

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
कलि सम्वत 5127
दिन काल 11:59 AM
विक्रम सम्वत 2082
मास अमांत फाल्गुन
मास पूर्णिमांत चैत्र

शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित 12:19:01 – 13:06:59
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 01:06 PM – 01:54 PM
कंटक 09:07 AM – 09:55 AM
यमघण्ट 12:19 PM – 01:06 PM
राहु काल 08:13 AM – 09:43 AM
कुलिक 03:30 PM – 04:18 PM
कालवेला या अर्द्धयाम 10:43 AM – 11:31 AM
यमगण्ड 11:13 AM – 12:43 PM
गुलिक काल 02:12 PM – 03:42 PM
दिशा शूल
दिशा शूल पूर्व

चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

चोघडिया

अमृत 06:43:12 – 08:13:09
काल 08:13:09 – 09:43:06
शुभ 09:43:06 – 11:13:03
रोग 11:13:03 – 12:43:00
उद्वेग 12:43:00 – 14:12:57
चल 14:12:57 – 15:42:54
लाभ 15:42:54 – 17:12:51
अमृत 17:12:51 – 18:42:47
चल 18:42:47 – 20:12:42
रोग 20:12:42 – 21:42:37
काल 21:42:37 – 23:12:32
लाभ 23:12:32 – 24:42:27
उद्वेग 24:42:27 – 26:12:21
शुभ 26:12:21 – 27:42:16
अमृत 27:42:16 – 29:12:11
चल 29:12:11 – 30:42:06

लग्न तालिका

मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:42 AM समाप्त: 08:07 AM

मेष चर
शुरू: 08:07 AM समाप्त: 09:43 AM

वृषभ स्थिर
शुरू: 09:43 AM समाप्त: 11:40 AM

मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:40 AM समाप्त: 01:55 PM

कर्क चर
शुरू: 01:55 PM समाप्त: 04:15 PM

सिंह स्थिर
शुरू: 04:15 PM समाप्त: 06:32 PM

कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 06:32 PM समाप्त: 08:48 PM

तुला चर
शुरू: 08:48 PM समाप्त: 11:07 PM

वृश्चिक स्थिर
शुरू: 11:07 PM समाप्त: अगले दिन 01:26 AM

धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 01:26 AM समाप्त: अगले दिन 03:30 AM

मकर चर
शुरू: अगले दिन 03:30 AM समाप्त: अगले दिन 05:13 AM

कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 05:13 AM समाप्त: अगले दिन 06:42 AM

।। आज का दिन मंगलमय हो।।

सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।

जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।

सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।

पापमोचिनी एकादशी व्रत पारण
प्रदोष व्रत

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE

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