श्रीडूंगरगढ़ ONE 4 जनवरी 2026। विवाह के 16 साल तक एक महिला ने कम दहेज व दहेज में एक कार, सोने के गहने व पांच लाख रूपए और लेकर आने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ना सहन की, अब विवाहिता ने श्रीडूंगरगढ़ थाने पहुंच कर पति सहित पांच ससुरालियों के खिलाफ आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है।
बिग्गाबास निवासी पायल पुत्री गजानंद माहेश्वरी ने गुडा, श्रीकोलायत निवासी व कोलकाता प्रवासी अपने पति पंकज चांडक, ससुर गोविंदराम पुत्र उदयचंद चांडक, सास विजयलक्ष्मी, देवर आनंद, दिल्ली निवासी ननदोई नंदकिशोर करनाणी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए है। परिवादिया ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 3 दिसंबर 2009 में हुआ। पांच दिन ससुराल रहने के बाद उसे आरोपी 8 दिसंबर 2009 को उसे अपने साथ कोलकाता ले गए। आरोपियों ने एक माह तो ठीक रखा व उसके बाद कम दहेज देकर समाज में नाक कटवा देने का ओलमा देते हुए परेशान करने लगे। आरोपी एक कार, सोने के गहने व पांच लाख रूपए दहेज में नहीं देने का ताने देते। इस दौरान परिवादिया ने चार बच्चों को जन्म दिया जिनमें से तीन की मौत हो गई व अब एक ही जीवित संतान है। 2014 से 2019 तक पीड़िता के पिता ने 30 हजार, 50 हजार, 2 लाख व 3 लाख रूपए आरोपियों को दिए। 7 साल पहले समाज के लोगों ने पंच पंचायती कर उसे आरोपियों के साथ ससुराल भेजा। 20 अगस्त 2025 को आरोपियों ने उससे मारपीट कर घर से निकाल देने का प्रयास किया, पर वह नहीं निकली तो उसे जहर देकर मारने का प्रयास किया। 24 नवंबर 2025 को उससे मारपीट करते हुए घर से निकाल दिया। 4 दिसंबर 2025 को वह अपने नाबालिग पुत्र के साथ पीहर वालों की समझाईश के बाद ससुराल लौट गई तो आरोपियों ने उसे घर में घुसने नहीं दिया। उसे पुन: ट्रेन से पीहर लौटना पड़ा। परिवादिया ने पुलिस से अपने गहने, रूपए व दहेज वावस दिलवाने की मांग करते हुए आरोपियों को सजा देने की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई राजेंद्र कुमार को दी गई है।