आज, श्रीडूंगरगढ़ में, पंचांग की गणनाएँ भविष्य के फलक पर एक दिन की तस्वीर उकेरती हैं। यह सिर्फ़ एक तिथि नहीं, बल्कि माँ लक्ष्मी की कृपा का आह्वान है, यह सिर्फ़ एक वार नहीं, बल्कि जीवन में वृद्धि का संकेत है।
आज का पंचांग, जो श्रीडूंगरगढ़ से प्रकाशित हुआ है, हमें बताता है कि शास्त्रों में तिथि के श्रवण का महत्व है, क्योंकि इससे माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। वार, नक्षत्र, योग और करण के पठन और श्रवण से जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है, ऐसा माना जाता है।
आज, विक्रम संवत 2082 में, मास मार्गशीर्ष है। सूर्योदय 6:54 AM पर हुआ और सूर्यास्त 05:41 PM पर होगा। दिन 10 घंटे, 47 मिनट और 27 सेकंड का है।
आज का दिन कई शुभ और अशुभ मुहूर्त लेकर आया है। अभिजीत मुहूर्त 11:56 AM से 12:39 PM तक रहेगा। वहीं, राहु काल 10:57 AM से 12:18 PM तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है।
ताराबल अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों के लिए शुभ है। चन्द्रबल मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन राशियों के लिए अनुकूल है।
आज शुक्रवार है, और इस दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाने और उन्हें पीले चंदन का तिलक लगाने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। लक्ष्मी माँ को प्रिय श्री सूक्त, महालक्ष्मी अष्टकम और माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नामों का पाठ करना चाहिए। शुक्रवार को शुक्र ग्रह की आराधना से सुख, ऐश्वर्य और दाम्पत्य जीवन में सुख मिलता है।
आज बाल दिवस और नेहरू जयंती भी है।
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, आज का दिन मंगलमय हो।