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13 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  |  श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से न्यूज एक्सप्रेस में पढ़ें आज की कुछ खास खबरें एकसाथ:-  |  श्रीडूंगरगढ़ मंडी से देखें सभी जिंसो के “आज के भाव”  |  समस्या के इंतजार में बैठे रहें अधिकारी, समाधान के लिए नहीं पहुंचे परिवादी। जनसुनवाई में आए मात्र दो प्रकरण..  |  सड़क दुर्घटना में घायल युवक ने दम तोड़ा, चचेरे भाई ने कार चालक के खिलाफ करवाया मामला दर्ज  | 

13 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 13 मार्च 2026।श्री गणेशाय नम: शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

13 – Mar – 2026
Sri Dungargarh, India

पंचांग
तिथि दशमी पूर्ण रात्रि
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा +03:03 AM
करण वणिज 07:27 PM
पक्ष कृष्ण
योग व्यतीपात 10:30 AM
वार शुक्रवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:46 AM
चन्द्रोदय +03:41 AM
चन्द्र राशि धनु
चन्द्र वास पूर्व
सूर्यास्त 06:41 PM
चन्द्रास्त 01:07 PM
ऋतु वसंत

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
कलि सम्वत 5127
दिन काल 11:54 AM
विक्रम सम्वत 2082
मास अमांत फाल्गुन
मास पूर्णिमांत चैत्र

शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित 12:20:01 – 13:07:39
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 09:09 AM – 09:57 AM
कंटक 01:55 PM – 02:42 PM
यमघण्ट 05:05 PM – 05:53 PM
राहु काल 11:14 AM – 12:43 PM
कुलिक 09:09 AM – 09:57 AM
कालवेला या अर्द्धयाम 03:30 PM – 04:18 PM
यमगण्ड 03:42 PM – 05:11 PM
गुलिक काल 08:15 AM – 09:45 AM
दिशा शूल
दिशा शूल पश्चिम

चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
चन्द्रबल
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन

चोघडिया

चल 06:46:34 – 08:15:53
लाभ 08:15:53 – 09:45:12
अमृत 09:45:12 – 11:14:31
काल 11:14:31 – 12:43:50
शुभ 12:43:50 – 14:13:09
रोग 14:13:09 – 15:42:28
उद्वेग 15:42:28 – 17:11:47
चल 17:11:47 – 18:41:06
रोग 18:41:06 – 20:11:38
काल 20:11:38 – 21:42:11
लाभ 21:42:11 – 23:12:44
उद्वेग 23:12:44 – 24:43:17
शुभ 24:43:17 – 26:13:49
अमृत 26:13:49 – 27:44:22
चल 27:44:22 – 29:14:55
रोग 29:14:55 – 30:45:28

लग्न तालिका

कुम्भ स्थिर
शुरू: 05:25 AM समाप्त: 06:59 AM

मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:59 AM समाप्त: 08:19 AM

मेष चर
शुरू: 08:19 AM समाप्त: 09:55 AM

वृषभ स्थिर
शुरू: 09:55 AM समाप्त: 11:51 AM

मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:51 AM समाप्त: 02:06 PM

कर्क चर
शुरू: 02:06 PM समाप्त: 04:27 PM

सिंह स्थिर
शुरू: 04:27 PM समाप्त: 06:44 PM

कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 06:44 PM समाप्त: 09:00 PM

तुला चर
शुरू: 09:00 PM समाप्त: 11:19 PM

वृश्चिक स्थिर
शुरू: 11:19 PM समाप्त: अगले दिन 01:38 AM

धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 01:38 AM समाप्त: अगले दिन 03:42 AM

मकर चर
शुरू: अगले दिन 03:42 AM समाप्त: अगले दिन 05:25 AM

।। आज का दिन मंगलमय हो।।

दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।

शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE

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