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13 अक्टूबर का पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़, 13 अक्टूबर 2025। आज का दिन, विक्रम संवत 2082, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। पंचांग के अनुसार, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के श्रवण और पठन से जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों में कहा गया है कि तिथि के श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है, वार के श्रवण से आयु में वृद्धि होती है, नक्षत्र के श्रवण से पापों का नाश होता है, योग के श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है और करण के श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

आज सूर्योदय 06:32 AM पर हुआ और सूर्यास्त 06:07 PM पर होगा। दिन की अवधि 11 घंटे 34 मिनट और 31 सेकंड की है। चन्द्रोदय रात्रि 11:33 PM पर होगा। ऋतु शरद है।

आज के पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी उल्लेख है। अभिजीत मुहूर्त 11:56 AM से 12:43 PM तक रहेगा। राहु काल 07:59 AM से 09:26 AM तक रहेगा। दिशा शूल पूर्व दिशा में है।

ताराबल अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों के लिए अनुकूल है। चन्द्रबल मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु और मकर राशियों के लिए अनुकूल है।

आज सोमवार है, जो भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना और अभिषेक करने से चंद्रमा मजबूत होता है और काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है। सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।

शुभ फलों की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाने की सलाह दी जाती है, जिससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है और परिवार से रोग दूर रहते हैं।

सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” का जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और मनवांछित फल मिलता है।

आज अहोई अष्टमी व्रत और कालाष्टमी भी है। पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE की ओर से सभी को आज के दिन की शुभकामनाएँ।

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