श्रीडूंगरगढ़, 6 दिसम्बर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था, श्री ओसवाल पंचायत, को एक लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार सुकून मिला है। आडसर बास में स्थित पंचायत भवन का वह हिस्सा, जो बीते ग्यारह वर्षों से राजकीय आयुर्वेद औषधालय के आधिपत्य में था, शुक्रवार को न्यायालय के आदेशानुसार खाली करा लिया गया। औषधालय प्रशासन ने विधिवत रूप से भवन की चाबी संस्था के अध्यक्ष, श्री विनोद भादानी को सौंप दी।
इस घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए संस्था के मंत्री, श्री कान्ति कुमार पुगलिया ने बताया कि लगभग पंद्रह वर्ष पूर्व औषधालय को संचालन के लिए यह परिसर दिया गया था। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि बीते ग्यारह वर्षों से न तो इसका किराया दिया जा रहा था और न ही परिसर खाली किया जा रहा था। इस स्थिति के कारण संस्था को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
अतिरिक्त सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए भवन को कब्जामुक्त कर संस्थान को सौंपने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों का पालन शुक्रवार को किया गया।
अध्यक्ष श्री विनोद भादानी ने इस अवसर पर कहा कि पूर्व में बकाया और वर्तमान अवधि का किराया न्यायालय द्वारा निर्धारित राशि के अनुसार जमा कराया जाएगा।
इस मौके पर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्री चंद्रप्रकाश सेठिया, सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुमेरमल सिंघी, श्री अशोक बैद, श्री हेमराज भादानी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उधर, औषधालय प्रभारी डॉ. पवन गोदारा ने बताया कि आयुर्वेद अस्पताल अब बैंक ऑफ बड़ौदा के पास एक नए स्थान से संचालित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नई जगह पर मरीजों को पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
यह घटनाक्रम श्री ओसवाल पंचायत के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जो वर्षों से अपने भवन के एक हिस्से को वापस पाने के लिए प्रयासरत थी। वहीं, आयुर्वेद औषधालय के नए स्थान पर स्थानांतरित होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है।