श्री गणेशाय नम:
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
आज का पंचांग
11 – Feb – 2026
Sri Dungargarh, India
पंचांग
तिथि नवमी 10:01 AM
नक्षत्र अनुराधा 10:53 AM
करण :
गर 10:01 AM
वणिज 10:01 AM
पक्ष कृष्ण
योग व्याघात +02:29 AM
वार बुधवार
सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 07:15 AM
चन्द्रोदय +03:22 AM
चन्द्र राशि वृश्चिक
चन्द्र वास उत्तर
सूर्यास्त 06:21 PM
चन्द्रास्त 12:41 PM
ऋतु शिशिर
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
कलि सम्वत 5127
दिन काल 11:06 AM
विक्रम सम्वत 2082
मास अमांत माघ
मास पूर्णिमांत फाल्गुन
शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित कोई नहीं
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 12:26 PM – 01:10 PM
कंटक 04:52 PM – 05:37 PM
यमघण्ट 09:28 AM – 10:12 AM
राहु काल 12:48 PM – 02:11 PM
कुलिक 12:26 PM – 01:10 PM
कालवेला या अर्द्धयाम 07:59 AM – 08:44 AM
यमगण्ड 08:38 AM – 10:01 AM
गुलिक काल 11:25 AM – 12:48 PM
दिशा शूल
दिशा शूल उत्तर
चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ
चोघडिया
लाभ 07:15:19 – 08:38:36
अमृत 08:38:36 – 10:01:53
काल 10:01:53 – 11:25:09
शुभ 11:25:09 – 12:48:26
रोग 12:48:26 – 14:11:43
उद्वेग 14:11:43 – 15:34:59
चल 15:34:59 – 16:58:16
लाभ 16:58:16 – 18:21:33
उद्वेग 18:21:33 – 19:58:10
शुभ 19:58:10 – 21:34:48
अमृत 21:34:48 – 23:11:26
चल 23:11:26 – 24:48:04
रोग 24:48:04 – 26:24:42
काल 26:24:42 – 28:01:20
लाभ 28:01:20 – 29:37:58
उद्वेग 29:37:58 – 31:14:35
लग्न तालिका
मकर चर
शुरू: 05:41 AM समाप्त: 06:59 AM
कुम्भ स्थिर
शुरू: 06:59 AM समाप्त: 08:52 AM
मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:52 AM समाप्त: 10:18 AM
मेष चर
शुरू: 10:18 AM समाप्त: 11:54 AM
वृषभ स्थिर
शुरू: 11:54 AM समाप्त: 01:50 PM
मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 01:50 PM समाप्त: 04:05 PM
कर्क चर
शुरू: 04:05 PM समाप्त: 06:25 PM
सिंह स्थिर
शुरू: 06:25 PM समाप्त: 08:42 PM
कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 08:42 PM समाप्त: 10:58 PM
तुला चर
शुरू: 10:58 PM समाप्त: अगले दिन 01:17 AM
वृश्चिक स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:17 AM समाप्त: अगले दिन 03:36 AM
धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:36 AM समाप्त: अगले दिन 05:41
।। आज का दिन मंगलमय हो।।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE