श्री गणेश की स्तुति के साथ, आइए आज के पंचांग पर एक नज़र डालें। हमारी प्राचीन परंपराओं में, पंचांग मात्र एक काल गणना नहीं, बल्कि जीवन के शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की चाल को समझने का एक दर्पण है।
शास्त्रों में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के पठन और श्रवण का महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि इनसे माँ लक्ष्मी की कृपा, आयु में वृद्धि, पापों का नाश, प्रियजनों का प्रेम और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
आज, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। आकाश में ज्येष्ठा नक्षत्र विराजमान है, जो रात्रि 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। विश्कुम्भ योग 4 बजकर 31 मिनट तक है।
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर हुआ और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 55 मिनट पर होगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में हैं और ऋतु शरद है, जो वातावरण में एक खास बदलाव का संकेत दे रही है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। राहु काल सुबह 7 बजकर 47 मिनट से 9 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।
दिशा शूल पूर्व दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
ताराबल और चन्द्रबल के अनुसार, कुछ नक्षत्र और राशियाँ आज विशेष रूप से अनुकूल हैं।
आज के चोघड़िया भी दिन को विभिन्न मुहूर्तों में विभाजित करते हैं, जिससे आप अपने कार्यों को शुभ समय के अनुसार योजना बना सकते हैं।
ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना करने से चंद्रमा मजबूत होता है और काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है। सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
मान्यता है कि जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाने से भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है और परिवार से रोग दूर रहते हैं।
पंडित विष्णुदत्त शास्त्री के अनुसार, सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और मनवाँछित लाभ मिलता है।
आज का दिन आपके लिए मंगलमय हो।