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हंगामा, हमला, मुकदमे और सियासत = ठुकरियासर में नहीं तोलियासर में बनेगा नया 132 केवी जीएसएस, काम हुआ शुरू

वर्ष 2024 में, राज्य सरकार ने क्षेत्र की बिजली ज़रूरतों को देखते हुए ठुकरियासर में 132 केवी जीएसएस की स्वीकृति दी थी। सितम्बर आते-आते भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी, और लग रहा था कि काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।

लेकिन, कहानी में मोड़ तब आया जब गांव के दो गुट आमने-सामने आ गए। एक गुट, जिसका नेतृत्व कांग्रेस विचारधारा के सरपंच कर रहे थे, ने 35 बीघा गोचर भूमि जीएसएस के लिए देने का प्रस्ताव रखा। वहीं, गांव के ही दूसरे गुट ने उस गोचर भूमि पर अपना कब्ज़ा बताया। सूत्रों के अनुसार, इसी खींचतान के चलते प्रशासन को दूसरी भूमि तलाशनी पड़ी।

इसके बाद, सरपंच और प्रशासन के बीच तकरार का लंबा दौर चला। ग्रामीणों ने सरपंच की गैरमौजूदगी में प्रस्ताव लिए जाते देखे, सरकारी कर्मचारियों के साथ झड़पें हुईं, पंचायत भवन में ताले लगे और टूटे, और यहाँ तक कि पंचायत भवन में अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भी हुईं। इस दौरान सरपंच की गिरफ्तारी हुई और उन्हें प्रशासक के रूप में हटा दिया गया।

इन तमाम उतार-चढ़ावों के बाद, अब आखिरकार इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। 132 केवी जीएसएस अब ठुकरियासर से तोलियासर स्थानांतरित हो गया है। तोलियासर में सरदारशहर रोड पर बाईं ओर गोचर भूमि पर इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।

तोलियासर के सरपंच प्रतिनिधि गिरधारीसिंह ने बताया कि जनहित और कई गांवों की बिजली समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए ग्राम पंचायत ने विभाग को तुरंत एनओसी जारी कर दी थी, जिसके बाद विभाग ने भी तेज़ी से काम शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जल्द ही 132 केवी जीएसएस बनने से कई गांवों की बिजली संबंधी परेशानियां दूर हो जाएंगी।

उधर, ठुकरियासर के ग्रामीणों में इस बदलाव को लेकर नाराज़गी है। सरपंच व प्रशासक अमराराम गांधी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि गांव राजनीतिक विद्वेष का शिकार हो गया है। उनका आरोप है कि उनकी जायज़ आवाज़ को दबाया गया।

गांधी का कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायत की सड़क किनारे स्थित 35 बीघा गोचर भूमि की एनओसी जारी की थी, जिस पर गांव के ही कुछ दबंगों ने अतिक्रमण कर रखा है। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव में गांव की उत्तर दिशा में स्थित गोचर भूमि, जहाँ कुछ गरीब लोगों के मकान बने हैं, को देने की बात कही गई। उनका कहना है कि वहाँ तक वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल है, लेकिन फिर भी राजनीतिक दबाव में विभागीय अधिकारियों ने मिलकर जीएसएस का बवाल बना दिया।

132 केवी जीएसएस बनने के साथ ही ठुकरियासर सरदारशहर रोड पर बिजली सप्लाई का केंद्र बन जाता, लेकिन अब यह अवसर तोलियासर को मिलेगा। वर्तमान में सरदारशहर रोड पर तोलियासर, ठुकरियासर, लिखमादेसर, उदरासर, सुरजनसर, जालबसर सहित कई ग्राम पंचायतों में बिजली की सप्लाई मोमासर और श्रीडूंगरगढ़ 132 केवी से होती है। लंबी लाइनों के कारण इन गांवों में कम वोल्टेज, फाल्ट में लगने वाली देरी और लाइनें टूटने जैसी समस्याएं आम हैं। अब लाइनें कम दूरी की होने और अधिक फीडर होने से ग्रामीणों को इन समस्याओं से निजात मिल सकेगी। साथ ही, सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी भी इसी जीएसएस पर बैठेंगे।

ऐसे में, गांव ठुकरियासर में जीएसएस नहीं बनने का मलाल गांव के अनेक युवाओं को भी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में इस बदलाव का क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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