श्रीडूंगरगढ़, 7 अक्टूबर 2025। शारदीय नवरात्र की पावन बेला में, जब शरद पूर्णिमा का चाँद अपनी चांदनी बिखेर रहा था, गांव आड़सर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। विद्यालय प्रांगण में कन्या पूजन का आयोजन किया गया, जो भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक है।
प्रातःकाल की प्रार्थना सभा में 11 छोटी बालिकाओं को देवी के रूप में पूजा गया। माहौल भक्तिमय था और हर चेहरे पर श्रद्धा का भाव स्पष्ट झलक रहा था।
विद्यालय के प्राचार्य, पवन शर्मा ने इस अवसर पर माँ दुर्गा के नौ रूपों की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नारी शक्ति के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें सदैव नारी का सम्मान करने की प्रेरणा दी। शर्मा जी ने भारतीय परंपरा की व्याख्या करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को समाज का आधार माना गया है।
कन्या पूजन के इस पवित्र अनुष्ठान में विद्यालय की महिला शिक्षिकाओं – प्रियंका गोदारा, सीमा कविया, सुनीता, अदिति, बिंदु, सरोज, सुमन, लोकेशी, मंजू और ज्योति – ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
पुरुष शिक्षकों – नेकीराम, गोवर्धन, प्रदीप, राजेश, हरलाल और रामस्वरूप – ने भी कन्या पूजन में हिस्सा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
प्राचार्य शर्मा ने बताया कि मंगलवार को विद्यालय में मध्याह्न भोजन के दौरान पहली से आठवीं कक्षा तक की सभी बालिकाओं को खीर और जलेबी का विशेष भोज कराया गया। यह प्रयास बालिकाओं के प्रति स्नेह और सम्मान को दर्शाता है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रकटीकरण था, बल्कि यह विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास था। इस तरह के आयोजन निश्चित रूप से समाज में नारी के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हैं।