4 अक्टूबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ के शांत गांव मोमासर में शनिवार की सुबह एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। शिवालय बास स्थित माताजी मंदिर का प्रांगण मानों स्नेह और श्रद्धा से सराबोर था। अवसर था सैन समाज द्वारा आयोजित विशाल कन्या भोज का।
मोमासर के हर मोहल्ले से, हर विद्यालय से, 1171 नन्ही बालिकाएं इस आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचीं। वातावरण में उत्साह था, प्रेम था और था एक विशेष प्रकार का अपनत्व। सैन समाज के सदस्यों ने बालिकाओं का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें स्नेहपूर्वक भोजन परोसा। भोजन के उपरांत, बालिकाओं को उपहार भी दिए गए, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।
सैन समाज युवा मंडल के अध्यक्ष मुकेश नाई ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में युवा मंडल के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समाज के युवाओं, बालिकाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी श्रम सेवा प्रदान की। यह आयोजन सैन समाज के आर्थिक सहयोग से संभव हो पाया, लेकिन इसमें अन्य समाज के उत्साही युवाओं ने भी सेवा में हाथ बंटाया, जो सांप्रदायिक सद्भाव का एक सुंदर उदाहरण था।
गांव भर में इस विशाल कन्या भोज की चर्चा हो रही है। यह आयोजन न केवल बालिकाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को भी दर्शाता है। इस तरह के आयोजन निश्चित रूप से समाज को एक सूत्र में बांधने और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह मोमासर गांव के लिए एक यादगार दिन था, जहाँ स्नेह और सेवा का अनुपम संगम देखने को मिला।