सर्दी के मौसम में भी, जब आमतौर पर पानी की खपत कम होती है, गांव के लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या के बारे में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया, लेकिन अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है।
इस समस्या से त्रस्त ग्रामीणों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने उपखण्ड अधिकारी शुभम शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में उन्होंने तत्काल पानी की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार और शनिवार तक दोनों ट्यूबवेल शुरू नहीं किए गए, तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
लोकसमता समिति के अध्यक्ष भरत सिंह राठौड़ ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण पूरा गांव परेशान है। उन्होंने कहा, “दो महीने से लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई परवाह नहीं है।” राठौड़ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अब देखना यह है कि प्रशासन और जलदाय विभाग इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी ध्यान देते हैं और ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।