श्रीडूंगरगढ़, 28 नवंबर 2025। शांत दिखने वाले सेरूणा गांव में इन दिनों हलचल है। वजह है गांव में गहराता पेयजल संकट। बीते दो महीनों से गांव के माताजी मंदिर स्थित ट्यूबवेल के खराब होने से लगभग आधी आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है।
पानी की इस समस्या से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। लोक समता समिति के अध्यक्ष भरतसिंह राठौड़ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बस स्टैंड के पास धरना शुरू कर दिया है। राठौड़ का कहना है कि अगर प्रशासन ने उनकी पेयजल समस्या का जल्द समाधान नहीं किया, तो वे शांतिपूर्ण धरने के बाद हाइवे पर बैठकर अपनी मांग दोहराने को मजबूर होंगे।
धरना स्थल पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों का गुस्सा साफ झलक रहा था। उन्होंने पेयजल विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
इस धरने में रणवीरसिंह, वार्ड पंच मांगीलाल भादू, वार्ड पंच अशोक राणा, वार्ड पंच चिमनाराम मेघवाल, हजारीसिंह, केसरसिंह, रामचद्रं, रिछपाल भादू, भीखू खान, तोलाराम सुथार, सरदाराराम भादू, हीरालाल स्वामी, नानूराम भादू, इमरताराम साईं, तुलछाराम सांई, गिरधारीलाल, खेताराम, किस्तुराराम, गंगाराम भादू, सहीराम, रेवंतराम, रामेश्वर, नानूराम सहित कई ग्रामीण शामिल हैं। सभी की एक ही मांग है – गांव में जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।
इस संकट की घड़ी में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते ग्रामीण, प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब देखना यह है कि उनकी यह आवाज कब तक सुनी जाती है और कब तक सेरूणा गांव को इस जल संकट से मुक्ति मिलती है।