सेरूणा गाँव में डेंगू के बढ़ते मामलों की खबर ने चिकित्सा विभाग को तत्काल सक्रिय कर दिया है। खबर फैलते ही विभाग ने डेंगू नियंत्रण के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं।
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सोनी स्वयं सेरूणा पहुँच गए हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए टीम को पूरी तरह से लगा दिया गया है, और यहाँ एक अतिरिक्त डॉक्टर की भी तैनाती की जा रही है।
डॉ. सोनी ने बताया कि पीबीएम अस्पताल में हुई जाँच में बींझासर में एक, रीड़ी में एक, और सेरूणा में छह मामले सामने आए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 1 अक्टूबर से अब तक जितने भी लोग पॉजिटिव पाए गए हैं, उनके स्वस्थ होने की दर में भी वृद्धि हो रही है।
डॉ. सोनी ने आगे बताया कि सेरूणा में सितंबर महीने से ही लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि कल से गाँव में फोगिंग (धुआं करके मच्छर मारने की प्रक्रिया) शुरू करवा दी जाएगी और एंटी लार्वा गतिविधियों को भी तेज़ किया जा रहा है। चिकित्सा कर्मियों को घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए निर्देशित किया गया है।
डॉ. सोनी ने ग्रामीणों से भी जागरूकता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक सजग होकर अपने घरों में पानी जमा न होने दें। कूलर या किसी गड्ढे में पानी भरा हो तो उसे खाली करके साफ करें। उन्होंने छोटे बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाने और मच्छरों से बचाव करने की सलाह दी है।
यह खबर निश्चित रूप से चिंताजनक है, लेकिन चिकित्सा विभाग की तत्परता और ग्रामीणों से सहयोग की अपील एक सकारात्मक संकेत है। देखना यह है कि आने वाले दिनों में यह प्रयास कितना कारगर साबित होता है।