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सेंटरों से बेरंग लौट रहा किसान, बिजली बिल की अनिवार्यता सरकार की मंशा पर सवाल, बाना सहित किसानों ने दिया ज्ञापन

श्रीडूंगरगढ़, 28 नवंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए इन दिनों मूंगफली बेचना एक कठिन चुनौती बन गया है। श्रीडूंगरगढ़ ए, श्रीडूंगरगढ़ मंडी, श्रीडूंगरगढ़ सी, सांवतसर, लिखमादेसर और जोधासर के खरीद केंद्रों पर किसान भारी किराया, श्रम और समय लगाकर अपनी उपज लेकर पहुंच तो रहे हैं, लेकिन बिजली बिल की अनिवार्यता के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

कांग्रेस के युवा नेता हरिराम बाना ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि क्षेत्र के लगभग 75 प्रतिशत किसानों की खरीद इस नियम के चलते नहीं हो पा रही है। किसानों को इससे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा को एक ज्ञापन सौंपकर इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।

बाना ने बताया कि इस व्यवस्था में कई व्यवहारिक कठिनाइयां आ रही हैं, जिसके कारण किसान अपना माल नहीं तुलवा पा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि बिजली का बिल पत्नी के नाम पर है, तो पति की मूंगफली की खरीद नहीं हो पा रही है। इसी तरह, संयुक्त परिवारों में बिजली का कनेक्शन परिवार के मुखिया के नाम पर होता है, जबकि खेती बेटों द्वारा अलग-अलग की जा रही है। ऐसे में, जिन किसानों के पास व्यक्तिगत बिजली बिल नहीं है, उन्हें खरीद के लिए अयोग्य माना जा रहा है।

एक और बड़ी समस्या यह है कि कई किसान अपने खेतों में पानी न होने पर पड़ोसी के कनेक्शन से पानी लेकर सिंचाई करते हैं, जिसके कारण उनके पास बिजली बिल उपलब्ध नहीं होता है। हरिराम बाना ने इस नियम को अव्यवहारिक बताते हुए सरकार की खरीद की मंशा पर सवाल उठाया है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का समाधान कर किसानों की मूंगफली की खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

इस अवसर पर शुभकरण पारीक, ज्ञानाराम गोदारा, गोपालाराम जाखड़, मदन गोदारा, मुखराम जाखड़, सहीराम बाना सहित अनेक किसान उपस्थित रहे, जिन्होंने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कैसे निकालता है और किसानों को राहत कैसे मिलती है।

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