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श्रीडूंगरगढ़ से एकमात्र नेता को मिली भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में जगह, सिद्ध को मिल रही बधाइयां।  |  माकपा के जनसंघर्ष जत्थे ने क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में किया आह्वान, होगा केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध  |  पुलिस कार्रवाई  |  सीए फाइनल में श्रीडूंगरगढ़ के हर्ष सिंघी ने रचा इतिहास, 22 साल की उम्र में पहले अटेंप्ट में मिली सफलता  |  फोन पर बात कर रहें युवक ने अचानक दम तोड़ा।  | 

सीए फाइनल में श्रीडूंगरगढ़ के हर्ष सिंघी ने रचा इतिहास, 22 साल की उम्र में पहले अटेंप्ट में मिली सफलता

डूंगरगढ़ one 1 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से सीए फाइनल परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए हैं। इन परिणामों में श्रीडूंगरगढ़ के हर्ष सिंघी ने पहले ही प्रयास में सीए फाइनल परीक्षा पास कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महज 22 वर्ष की उम्र में हर्ष ने यह सफलता हासिल की है और खास बात यह है कि उन्होंने सीए की फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल तीनों परीक्षाएं पहले अटेंप्ट में उत्तीर्ण की हैं।

हर्ष अपने माता- पिता के साथ

हर्ष के पिता और व्यवसायी प्रकाश सिंघी ने बताया कि इतनी कम उम्र में सीए बनने वाले हर्ष श्रीडूंगरगढ़ के पहले युवक हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। प्रकाश सिंघी ने बताया कि हर्ष शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रहा है और उसने कभी शॉर्टकट पर भरोसा नहीं किया।

पढ़ाई के रिकॉर्ड की बात करें तो हर्ष ने 10वीं और 12वीं कक्षा में भी अपनी स्कूल में टॉप किया था। शुरू से ही उनकी रुचि पढ़ाई में रही और वे खुद को लगातार बेहतर बनाने पर फोकस करते रहे। हर्ष का कहना है कि सीए जैसी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए धैर्य और अनुशासन सबसे जरूरी है।

हर्ष की माता जयंता देवी गृहिणी हैं। हर्ष ने बताया कि उनके दादा पांचीलाल सिंघी और पिता ने हमेशा उन्हें अंक नहीं, बल्कि सीखने पर ध्यान देने की सीख दी। इसी सोच के साथ उन्होंने तैयारी की और केवल ICAI के स्टडी मैटेरियल पर फोकस किया। वे लगातार रिवीजन करते रहे और किसी भी विषय को हल्के में नहीं लिया।
हर्ष ने बताया कि तैयारी के दौरान वे रोजाना करीब 12 घंटे पढ़ाई करते थे। कई बार ऐसा भी हुआ जब मन नहीं करता था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना शेड्यूल नहीं तोड़ा। जो विषय उन्हें सबसे कठिन लगता था, उसी पर वे सबसे ज्यादा समय देते थे, ताकि कमजोरी को ताकत में बदला जा सके।

सोशल मीडिया को लेकर हर्ष का मानना है कि यह ध्यान भटकाने वाला जरूर है, लेकिन अगर इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह उपयोगी भी साबित हो सकता है। हर्ष की इस सफलता पर उनके परिजन, मित्रों और समाज के लोगों ने उन्हें बधाइयां दी हैं। क्षेत्र में उनकी उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है।

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