श्रीडूंगरगढ़ ONE 27 सितंबर 2025। केवल ज्ञान से भरा होना ही पर्याप्त नहीं बल्कि सिखाने की कला में निपुण होने वाला शिक्षक ही प्रभावशाली बनता है। इसलिए शिक्षा क्षेत्र के नवाचारों व नयी तकनीकों से जुड़े रहते हुए विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का कार्य शिक्षक करें, तभी सर्वांगीण विकास परिभाषित हो सकेगा। यह बात स्कूल शिक्षा के पूर्व सहायक निदेशक चन्द्रशेखर हर्ष ने शनिवार को राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला शैक्षिक अधिवेशन के समापन सत्र में कही। रूपादेवी राउमावि श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित सम्मलेन में विशिष्ठ अतिथि दयाशंकर शर्मा ने कहा कि शिक्षक को हमेशा अपने कर्तव्यो के साथ बालक के व्यक्तित्व को निखारने का कार्य करके, अपनी प्रतिष्ठा को बनाना होगा। अतिरिक्त जिला मंत्री मोहम्मद फैसल ने शिक्षकों से अपने आचरण में शुचिता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से संगठन एवं समाज को आगे बढ़ाने में सेतु बन सकेंगे। जिलाध्यक्ष मोहनलाल भादू ने लिए ग प्रस्तावों के क्रियान्वयन से शिक्षा के स्तर के विकास की बात कही। सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने संगठन के बिना शिक्षक परिवारविहीन बताया और सांगठनिक परिवार को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका का सक्रियता से निर्वहन करने की प्रेरणा दी। जिला संगठन मंत्री लेखराम गोदारा, जिलामंत्री नरेन्द्र आचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रदेश संयुक्त मंत्री सुरेश व्यास, जिलामंत्री नरेन्द्र आचार्य ने विचार व्यक्त किए। समापन समारोह का संचालन नेमचंद मारू ने किया व बजरंग शर्मा ने सभी का आभार जताया।
किया अतिथियों का सम्मान।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। समारोह में शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक रमेश, विधायक ताराचंद सारस्वत, डॉ सत्यप्रकाश आचार्य, नोखा के पूर्व विधायक बिहारीलाल विश्नोई, किशनदान चारण, रवि आचार्य, ओमप्रकाश बिश्नोई, नरेन्द्र कुमार, मोहनलाल भादू का सम्मान किया गया।
खुला अधिवेशन में लिए प्रस्ताव।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। सम्मेलन के दूसरे दिन तृतीय सत्र के खुले अधिवेशन में शिक्षा, शिक्षक शिक्षार्थी के हितों पर चिन्तन, संगठन मांग पत्र, विभिन्न समस्याओं एवं विभिन्न प्रस्तावों पर मंथन हुआ। इसमें प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजने पर सहमति हुई। खुला अधिवेशन जिला उपाध्यक्ष दानाराम एवं अतिरिक्त जिलामंत्री मोहम्मद फैसल के आतिथ्य में आयोजित किया गया। जिला उपाध्यक्ष दानाराम, नोखा अध्यक्ष जगदीश मंण्डा, मंत्री विकास पंवार, बीकानेर अध्यक्ष महेश छींपा, श्रीडूंगरगढ़ अध्यक्ष पवन शर्मा, कोलायत अध्यक्ष पूनम गोदारा, अनिल सोनी, मनोज लखारा, पूर्णचंद्र प्रजापत, बजरंग, ओमप्रकाश तावनियां, भैरूंदान सारण आदि ने विभिन्न प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों में पदोन्नति करवाने, नव क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करवाने, विभिन्न विषयों के शिक्षक विद्यालयों में देने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, गैर शैक्षणिक कार्यों पर रोक लगाने सहित अनेक प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए प्रस्ताव पारित किए गए।