WhatsApp Menu
छात्रावास में होंगे कई निर्माण कार्य, कुश्ती दंगल का हुआ पोस्टर विमोचन।  |  कितासर बीदावतान से देशनोक के लिए विशाल डाक ध्वजा यात्रा 22 मार्च को  |  विकसित राजस्थान रन 2026 में एनएसएस स्वयंसेवकों की भागीदारी, महाविद्यालय में भाषण, निबंध व चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित  |  साहित्यकारों का सम्मान समाज की पुरानी परंपरा- श्याम महर्षि, श्रीडूंगरगढ़ में कथाकार श्याम जांगिड़ को ‘चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा पुरस्कार’  |  श्रीडूंगरगढ़ में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन, गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों पर फूटा गुस्सा; पीएम का पुतला जलाया  | 

साहित्यकारों का सम्मान समाज की पुरानी परंपरा- श्याम महर्षि, श्रीडूंगरगढ़ में कथाकार श्याम जांगिड़ को ‘चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा पुरस्कार’

डूंगरगढ़ one 15 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। संस्कृति भवन के प्रांगण में रविवार को आयोजित समारोह में प्रसिद्ध कथाकार श्याम जांगिड़ को चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें शॉल, श्रीफल और 31 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व अध्यक्ष श्याम महर्षि ने कहा कि भारत में साहित्यकारों को सम्मानित करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं की अपेक्षा समाज द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार अधिक विश्वसनीय होते हैं। महर्षि ने श्याम जांगिड़ के लेखन को यथार्थ से जुड़ा और प्रभावी बताया।

मुख्य अतिथि डॉ. हरिमोहन सारस्वत ने कहा कि राजस्थानी का लेखक सेवा भावना से प्रेरित होकर लेखन करता है और उसे इससे आर्थिक लाभ नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा की चिंता सरकार से पहले यहां के लोगों को करनी होगी, अन्यथा हजारों वर्षों में बनी सांस्कृतिक पहचान कमजोर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री अपनी मातृभाषा में भाषण देते हैं, जबकि राजस्थान में ऐसा कम देखने को मिलता है। आमजन को सरकारी दफ्तरों में भी बेझिझक राजस्थानी भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि डॉ. मदन सैनी ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और समय के साथ भाषाएं अपना स्वरूप बदलती हैं, लेकिन अपनी भाषा की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए।

स्वागताध्यक्ष एवं पुरस्कार प्रवर्तक उद्योगपति लक्ष्मीनारायण सोमानी ने कहा कि राजस्थानी लोग कहीं भी रहें, अपने घरों में व्यवहार की भाषा राजस्थानी ही रखनी चाहिए।

युवा साहित्यकार रवि पुरोहित ने कहा कि राजस्थानी कहानी साहित्य में श्याम जांगिड़ एक प्रतिष्ठित नाम हैं और उनकी कहानियों को विशिष्टताओं के साथ याद किया जाता है।

पुरस्कृत लेखक श्याम जांगिड़ ने कहा कि राजस्थानी में लेखन करने से उन्हें अपने समाज के प्रति ऋणमुक्त होने का अहसास होता है।

समारोह समिति के अध्यक्ष ताराचंद इंदौरिया ने आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि आगामी वर्षों से चुन्नीलाल सोमानी कथा पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 41 हजार रुपए की जाएगी।

कार्यक्रम की शुरुआत में समिति के संयोजक डॉ. चेतन स्वामी ने समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा कार्यक्रम का संचालन भगवती पारीक ‘मनु’ ने किया।

इस अवसर पर राजू बिजारणिया, रामचंद्र राठी, बाबूलाल लखोटिया, सत्यनारायण योगी, राजेन्द्र स्वामी, शूरवीर मोदी, मनोज डागा, लक्ष्मीकांत वर्मा, तुलसीराम चौरड़िया, गोपाल राठी, सरोज शर्मा, लक्ष्मी देवी सोमानी, प्रेम कुंडलिया और श्रीभगवान सैनी सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

समारोह में पत्रकार तोलाराम मारू, शुभकरण परीक, नारायण सारस्वत, राजेश शर्मा और अशोक पारीक का भी सम्मान किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़