श्रीडूंगरगढ़ ONE 27 जनवरी 2026। सांसी समाज ने प्राचीन समय से चली आ रही विभिन्न कुरीतियों का त्याग करने का निर्णय लिया है।
सोमवार को समाज बीकानेर में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें समाज को एकजुट करने, सामाजिक हितों पर ध्यान देने के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिले भर से शामिल मौजिज लोगों ने विभिन्न स्थानों के अलग अलग पंच चुने और उन्हें बैठक में लिए निर्णय समाज के परिवारों से समझाईश कर पालन करने की जिम्मेदारी दी। यहां जेठाराम लखासर, सोहन बीकानेर, पेमाराम श्रीडूंगरगढ़, भंवरलाल बीकानेर, कोजूराम 4 केएसडी, भंवरलाल बीकानेर, कालूराम 6 डीडी, मंगलाराम हिम्मतासर, कैलाश छतरगढ़, शंकरलाल, भूराराम छतरगढ़, मंगतुराम घड़साना, हरीराम श्रीरामसर, रामलाल तोलियासर व भंवरलाल बंबलू ने भाग लिया।
कुरीतियां छोड़ने का संकल्प लिया और शिक्षा के लिए होंगे विशेष प्रयास।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। रामलाल तोलियासर ने बताया कि समाज में प्रचलित कुछ परंपराएं जो समय के साथ निर्वहन करना संभव नहीं है, जिन्हें छोड़ने का फैसला लिया है। समाज में किसी की मृत्यु होने पर सोने के लोटे चढ़ाए जाते थे, जिसे पूर्णतय बंद कर दिया है। पौत्रों तक ओढ़ावनी नहीं ली जाएगी, उसे भी बंद कर दिया गया है। सभी ने मिलकर समाज के शिक्षा का प्रसार करने व समाज के युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए समझाईश करने के प्रण लिए गए।