श्रीडूंगरगढ़ की माटी में पली-बढ़ीं प्रियंका, पुत्री भगवानाराम स्वामी, ने जब जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यभार संभाला तो पूरे कस्बे में खुशी की लहर दौड़ गई। अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर स्वामी परिवार का सीना गर्व से फूल गया। शनिवार की रात, प्रियंका जब पहली बार श्रीडूंगरगढ़ लौटीं, तो जय हनुमान सुंदरकांड मंडली ने उनका विशेष सम्मान किया।
मंडली के सदस्यों ने राम दरबार की एक सुंदर तस्वीर प्रियंका को भेंट की, जो भारतीय संस्कृति में शुभता और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है। इतना ही नहीं, मंडली ने स्वामी परिवार के घर पर नि:शुल्क सुंदरकांड का पाठ भी किया, जो भक्ति और श्रद्धा का एक अनूठा प्रदर्शन था। इस सम्मान से अभिभूत स्वामी परिवार ने मंडली के सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह घटना श्रीडूंगरगढ़ के लोगों के आपसी स्नेह और सम्मान की भावना को दर्शाती है।
दूसरी ओर, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव माणकसरा के युवा तिलोकचंद, पुत्र सोहनलाल जेपाल, ने अपनी मेहनत और लगन से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने आरपीएससी द्वारा आयोजित कॉलेज शिक्षा विभाग के तहत सहायक आचार्य प्रतियोगी परीक्षा 2023 में अंतिम रूप से सफलता प्राप्त की है।
तिलोकचंद ने बताया कि लोकप्रशासन विषय में कुल 45 पद थे, जिनमें उन्होंने 42वीं रैंक हासिल की। यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तिलोकचंद ने श्रीडूंगरगढ़ में कमरा किराए पर लेकर रहकर, बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के, केवल आत्म-अध्ययन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
अपनी तैयारी के अनुभव को साझा करते हुए तिलोकचंद ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को निरंतर और नियमित रूप से अध्ययन करने की सलाह दी है। उनकी कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। तिलोकचंद की सफलता यह साबित करती है कि सच्ची लगन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।