बुधवार की सुबह, श्रीडूंगरगढ़ में भैरवाष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भैरव भक्तों में उत्साह का संचार है, और वातावरण भक्तिमय रंगों से सराबोर है।
क्षेत्र के प्रसिद्ध तोलियासर भैरव मंदिर में, बाबा भैरव के दरबार को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर के गर्भ गृह को फूलों से सजाया गया है, और पूरे परिसर को रंगीन गुब्बारों से आकर्षक बनाया गया है। मंदिर पर की गई रंग-बिरंगी रोशनी, उत्सव के माहौल को और भी दिव्य बना रही है।
मंदिर समिति के अनुसार, कल रात सरदारशहर की प्रसिद्ध मांगीलाल डेरू एंड पार्टी द्वारा परंपरागत भैरव भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे वातावरण भक्ति रस में डूब जाएगा।
आड़सर बास के भैरव मंदिर और तोलियासर के भैरव मंदिरों में आज रात ठीक 12 बजे आतिशबाजी का भव्य आयोजन होगा। यह नज़ारा देखने लायक होगा, क्योंकि आसमान रंगीन रोशनी से जगमगा उठेगा।
आड़सर बास के भैरव मंदिर में मंगलवार शाम से ही बाबा का भव्य श्रृंगार किया जा रहा है। भीखमचंद सेठिया परिवार द्वारा परंपरागत रूप से इस मंदिर में 11 पंडितों द्वारा भैरव अष्टोत्तर पाठ का अनुष्ठान संपन्न करवाया जाएगा। यह अनुष्ठान, भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है।
बताया जाता है कि मंदिर की सजावट के साथ, बुधवार शाम को दोनों मंदिरों में 51-51 किलो के केक का भोग लगाया जाएगा। यह विशेष भोग, भक्तों के लिए प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।
वहीं, गांव बिग्गा और बिग्गाबास के मंदिरों में भी भव्य आयोजन होंगे। पूरे दिन भैरव मंदिरों में दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहेगा।
भैरवाष्टमी का यह पर्व, श्रीडूंगरगढ़ में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का संगम लेकर आया है। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समुदाय को एक साथ लाने का भी एक अवसर है।