श्रीडूंगरगढ़, 10 नवंबर 2025। शांत कस्बे श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार का दिन सिंधी समाज के आक्रोश और विरोध का गवाह बना। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल द्वारा की गई एक विवादित टिप्पणी के विरोध में सिंधी समाज उपखंड कार्यालय पर एकत्रित हुआ। समाज के लोगों ने बघेल के बयान पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उपखंड कार्यालय के बाहर, सिंधी समाज के सदस्य एकजुट हुए और उन्होंने बघेल के बयान के खिलाफ प्रदर्शन किया। भारत माता के जयकारों और बघेल के खिलाफ नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। प्रदर्शनकारियों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बघेल पर कार्रवाई की मांग की गई थी।
पार्षद पवन उपाध्याय सहित कई गणमान्य नागरिकों ने बघेल के बयान की निंदा की और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्रवण कुमार गुरनाणी ने कहा कि सिंधी समाज भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने बताया कि बघेल ने लगभग दो सप्ताह पहले रायपुर, छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज के भगवान और धर्म गुरु के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए सिंधियों को पाकिस्तान चले जाने के लिए कहा था। गुरनाणी ने इस बयान को शर्मनाक बताया और कहा कि पूरे देश में सिंधी समाज इसका विरोध कर रहा है।
मंत्री अशोक वासवानी ने कहा कि अमित बघेल जैसे लोग समाज में सौहार्द और समरसता के दुश्मन हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मीना बोधिजा ने कहा कि सिंधी समाज देश की एकता और अखंडता के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है। समाज के सदस्यों ने बताया कि बघेल की टिप्पणी से पूरे समाज में आक्रोश व्याप्त है।
सिंधी पंचायत के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में उपाध्यक्ष जस्सू मोरवानी, कोषाध्यक्ष दुर्गाप्रसाद खटनानी, अशोक गुरनाणी, महिला मंडल की मीना बोधिजा, मीनाक्षी मोरवानी, पिंकी वासवानी सहित सिंधी समुदाय के कई पुरुष, महिलाएं और युवा शामिल हुए। समाज के लोगों ने प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करने और सक्रिय भूमिका निभाने के लिए समाज के मीडिया प्रभारी रवि रिझवानी की सराहना की।