श्रीडूंगरगढ़, 12 अक्टूबर, 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष की दस्तक के साथ ही श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में विजयदशमी उत्सव की उमंग छा गई। शनिवार का दिन सुरजनसर, नौसरिया-मिंगसरिया गांव और स्वयं श्रीडूंगरगढ़ नगर की बिग्गाबास बस्ती में उत्सव और पथ संचलन के रंगों से सराबोर रहा। स्वयंसेवकों ने पारंपरिक वेश में कदमताल करते हुए इस आयोजन को गरिमा प्रदान की।
हर आयोजन की शुरुआत शस्त्र पूजन से हुई, जो हमारी संस्कृति में शक्ति और शौर्य के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इसके बाद बौद्धिक सत्रों का आयोजन किया गया, जहाँ वक्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना से लेकर अब तक के सफर पर प्रकाश डाला। संघ के संघर्ष, निस्वार्थ सेवा कार्यों और समाज में बढ़ती लोकप्रियता जैसे पहलुओं को बड़ी सहजता से श्रोताओं के समक्ष रखा गया। इस दौरान, पंच प्रण और शताब्दी वर्ष में होने वाले विशेष कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई, जिससे स्वयंसेवकों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।
बिग्गाबास बस्ती में राजस्थान क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य नंदलाल बाबाजी ने अपने विचारों से स्वयंसेवकों को प्रेरित किया, तो सुरजनसर में जोधपुर प्रांत महाविद्यालय विद्यार्थी कार्य प्रमुख हरिकिशन काकड़ ने युवाओं को मार्गदर्शन दिया। नौसरिया-मिंगसरिया में श्रीडूंगरगढ़ खंड के सह खंड कार्यवाह राजू शर्मा ने बौद्धिक सत्र का संचालन किया।
सुरजनसर ग्राम में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता लालचंद जी ने की, और ओमप्रकाश जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। नौसरिया-मिंगसरिया में लक्ष्मण राम ढाका जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इन सभी कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों के साथ-साथ समाज के बंधु-भगिनियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो संघ के प्रति समाज के विश्वास और अपनत्व को दर्शाता है।
पथ संचलन के दौरान, गाँव-गाँव में ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। यह दृश्य अद्भुत था, जो समाज और स्वयंसेवकों के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है।
उत्सव का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा है। आज रविवार को मोमासर मंडल का उत्सव और पथ संचलन मोमासर गांव में होगा, और श्रीडूंगरगढ़ नगर की कालूबास बस्ती में भी विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा। यह शताब्दी वर्ष निश्चित रूप से प्रेरणा और उत्साह का एक नया अध्याय लिखेगा।