प्रातः गुसाईंसर बड़ा सहित सभी स्थानों पर शस्त्र पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया, जहाँ वक्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विकास, इसके संघर्षों और समाज में इसकी बढ़ती स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने संघ कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सेवा कार्यों और ‘पंच प्रण’ के महत्व को भी रेखांकित किया।
विभिन्न स्थानों पर गणमान्य अतिथियों ने बौद्धिक सत्रों का मार्गदर्शन किया। मोमासर बास बस्ती में बीकानेर विभाग संघचालक टेकचंद बरडिया, धनेरू में जोधपुर प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख शंभूसिंह, उदरासर में मोमासर सह खंड कार्यवाह दौलतराम, और गुसाईंसर बड़ा में बीकानेर विभाग कार्यवाह प्रदीप कुमार बौद्धिककर्ता के रूप में उपस्थित रहे। धनेरू ग्राम में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेमदास जी ने की।
इन उत्सवों में स्वयंसेवकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाज के बंधुओं और भगिनियों ने भी भाग लिया। पथ संचलन के दौरान, कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का भावपूर्ण स्वागत किया गया, जो समाज में उनके प्रति स्नेह और सम्मान का प्रतीक था।
यह विजयदशमी उत्सव केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक श्रृंखला है। इसी क्रम में आज शनिवार को सुरजनसर, नौसरिया-मिंगसरिया और श्रीडूंगरगढ़ नगर की बिग्गाबास बस्ती में भी विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन का आयोजन होगा। यह उत्सव समाज में समरसता, सेवा और समर्पण की भावना को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।