श्रीडूंगरगढ़, 7 अक्टूबर 2025। प्रकृति का अप्रत्याशित रूप रविवार रात से ही श्रीडूंगरगढ़ अंचल में देखने को मिल रहा है। जहाँ रविवार रात से सोमवार सुबह तक मामूली 5 एमएम बारिश हुई, वहीं सोमवार शाम तक यह आंकड़ा 25 एमएम तक जा पहुंचा। फिर देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने मंगलवार सुबह तक 52 एमएम का आंकड़ा छू लिया। उत्तरादी रोही में तो मंगलवार को भी बरसात का सिलसिला जारी रहा, जिससे किसानों की चिंता और भी बढ़ गई है।
समंदसर और आसपास के इलाकों में घने काले बादलों को देखकर किसानों का दिल बैठा जा रहा है। वे इंद्रदेव से प्रार्थना कर रहे हैं कि अब और बारिश न हो और उन्हें अपनी धान की फसल को समेटने का मौका मिल जाए।
इस अप्रत्याशित बारिश से पूरे अंचल में मूंग, मोठ और बाजरा की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान अब सरकार से विशेष गिरदावरी करवाने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें हुए नुकसान का आकलन हो सके।
अखिल भारतीय किसान सभा ने मंगलवार को क्षेत्र की प्रमुख बारानी फसलों पर बारिश से हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सभा ने सरकार से खराब फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक कॉमरेड गिरधारीलाल महिया ने किसानों की बिगड़ती हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि किसान पहले ही उच्च लागत, कम भाव और बाजार की अस्थिरता से जूझ रहे हैं, ऐसे में इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने राज्य सरकार से श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रभावित इलाकों में विशेष गिरदावरी करवाने और आपदा राहत प्रबंधन के तहत किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का सर्वे पारदर्शी तरीके से करवाने की भी अपील की है।
सभा के तहसील अध्यक्ष भंवरलाल भुवाल, सचिव राजेंद्र जाखड़, उपाध्यक्ष दौलतराम मेघवाल और प्रवक्ता शेखर रैगर ने संयुक्त बयान जारी करते हुए प्रशासन से शीघ्र गिरदावरी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि गिरदावरी प्रक्रिया शीघ्र शुरू नहीं की गई तो किसान सभा आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होगी।
यह देखना होगा कि सरकार और प्रशासन किसानों की इस मुश्किल घड़ी में कितनी जल्दी उनकी सुध लेते हैं और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं। किसानों की निगाहें अब सरकार की ओर टिकी हैं।