विधाता की गति विचित्र है। श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचंद सारस्वत पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी बहन दुर्गादेवी का गत 20 अक्टूबर को एक दुखद घटना में निधन हो गया। इस दुख की घड़ी में, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शोक संदेश भेजकर सारस्वत परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। यह संवेदना पत्र एक ऐसे समय में मिला है जब परिवार को सबसे ज़्यादा सहारे की ज़रूरत है।
उधर, ईको भारत के संस्थापक संपत सारस्वत बामनवाली ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की। यह मुलाकात केवल शुभकामनाओं का आदान-प्रदान नहीं थी, बल्कि इसमें राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की एक महत्वपूर्ण मांग भी शामिल थी। सारस्वत ने गृहमंत्री को उनके 61वें जन्मदिन पर ‘मायड़ भासा री रामचरित माला’ भेंट की और राजस्थानी भाषा के गौरव को स्थापित करने की गुहार लगाई। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में सुधार को लेकर भी सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर नवदीप बीकानेरी, टन्नू आचार्य, नवरत्न ओझा और साहिल कलाल भी उपस्थित रहे।
वहीं, श्रीडूंगरगढ़ में एमडीएस छात्रावास विकास समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य की अध्यक्षता में छात्रावास प्रांगण में हुई इस बैठक में समाज के मौजिज लोग शामिल हुए। बैठक में आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया, समाज के हित से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, और संस्था में समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
सदस्यों ने छात्रावासों की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर भी विचार-विमर्श किया। जाखासर के भंवरलाल सारण (ठेकेदार) ने पूर्व में घोषित सहयोग राशि समिति को सौंपी, जो समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य ने वर्तमान समय में नशावृत्ति और कुप्रथाओं से समाज को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता लाने का आह्वान किया। बैठक में मुलाराम भादू, लक्ष्मणराम खिलेरी, पूनम नैण सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार रखे। छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने सभी का आभार व्यक्त किया।
ये घटनाएँ श्रीडूंगरगढ़ की जीवंतता और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं। जहाँ एक ओर दुख की घड़ी है, वहीं दूसरी ओर समाज को आगे ले जाने के प्रयास जारी हैं।