श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का शताब्दी वर्ष उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
बुधवार को इन्दपालसर मंडल में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें इन्दपालसर, गुसांईसर, राइकान और हीरावतान के स्वयंसेवक शामिल हुए। इसी दिन धर्मास मंडल में धर्मास, अमृतवासी, सुरजनवासी, हथाना जोहड़ और इन्दपालसर सांखलान के स्वयंसेवकों ने एक साथ भाग लिया। श्रीडूंगरगढ़ नगर की प्रताप बस्ती में भी बस्ती के स्वयंसेवकों का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सभी स्थानों पर कार्यक्रमों की शुरुआत शस्त्र पूजन के साथ हुई। बौद्धिककर्ताओं ने स्वयंसेवकों को संघ की विकास यात्रा, शुरुआती दौर में हुए उपहास और विरोध, सामाजिक स्वीकृति और संघ के वर्तमान स्वरूप के बारे में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आगामी 1 से 16 नवंबर तक आयोजित होने वाले व्यापक गृह संपर्क अभियान और 20 जनवरी से 10 फरवरी तक आयोजित होने वाले मंडल/बस्ती अनुसार हिंदू सम्मेलन के बारे में भी विस्तार से बताया।
धर्मास और इन्दपालसर हीरावतान में श्रीडूंगरगढ़ खंड के व्यवस्था प्रमुख अनिल कुमार सोनी और प्रताप बस्ती में श्रीडूंगरगढ़ खंड संघचालक आशाराम पारीक बौद्धिककर्ता के रूप में उपस्थित थे। प्रताप बस्ती उत्सव की अध्यक्षता मनीष शर्मा ने की।
तीनों स्थानों पर पथ संचलन निकाले गए, जिनका लोगों ने पुष्प वर्षा से स्वागत किया। इस दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
दुलचासर की श्रीगोपाल गौशाला में बुधवार को मूंधड़ा परिवार ने भंडारे की सेवा दी। रामकिशन मूंधड़ा, लक्ष्मीनारायण मूंधड़ा और बृजमोहन मूंधड़ा ने अपनी माता की स्मृति में गौवंश को खल और मूंग चूरी का भंडारा अर्पित किया। परिवार ने गौसेवार्थ राशि भी दान की। गौशाला सचिव रेवंतरसिंह पड़िहार ने दानदाता परिवार का आभार व्यक्त किया।
कोटासर की श्रीकरणी गौसेवा समिति गौशाला में दुलचासर के कोलकाता प्रवासी मूंधड़ा परिवार ने गुरुवार को गौसेवा में सहयोग दिया। सत्यनारायण, अजीत कुमार और उनकी माता कमला देवी ने गौशाला पहुंचकर गौसेवार्थ 11 हजार रुपये की राशि का सहयोग दिया। इस दौरान श्यामसुंदर, बाबूलाल और गोपाल मूंधड़ा ने भी 51 सौ रुपये की राशि दान की। भागीरथ ओझा भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
इसी दिन दुलचासर निवासी मनोज पुत्र गोपाल महिया ने अपना जन्मदिन गौशाला में सहयोग देकर मनाया। समिति ने दानदाताओं का आभार जताया। गौशालाओं में सेवा और समर्पण का यह भाव क्षेत्र में मानवीय मूल्यों की अटूट नींव को दर्शाता है।