श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के इलाकों में वीर बिग्गाजी महाराज के मेले की धूम है। हर तरफ आस्था का रंग चढ़ा हुआ है और भक्त अपने प्रिय देवता के दर्शनों के लिए उत्सुक हैं। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में लोक देवता वीर बिग्गाजी महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा का माहौल है। बिग्गा और रीड़ी में शनिवार और रविवार को दो दिवसीय मेला आयोजित होगा। यह मेला जन-आस्था का केंद्र है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु आकर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।
शीश देवली धाम रीड़ी और धड़ देवली धाम बिग्गा, दोनों ही स्थानों पर विशेष आयोजन होंगे। जागरण में भक्ति और संगीत की धारा बहेगी और दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहेगा। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जो वातावरण को और भी दिव्य बना रही है।
बिग्गा में वीर बिग्गाजी मानव सेवा संस्थान के कार्यकर्ता तन-मन-धन से सेवा में जुटे हैं। वे दूरदराज से आने वाले पैदल यात्रियों के लिए भंडारे सहित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं कर रहे हैं। ताकि किसी भी भक्त को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शनिवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं के जत्थे दूर-दूर से मंदिर पहुंचना प्रारंभ हो जाएंगे। मेला कमेटी के सदस्यों ने अलग-अलग टीमें बनाकर व्यवस्थाएं संभाली हैं। सुरक्षा के लिए मेले में पुलिस जवानों की तैनाती भी रहेगी। मंदिर परिसर के बाहर प्रसाद, खिलौने, कृषि यंत्र, मनिहारी सामान और फल-फ्रूट की अस्थाई दुकानें सजनी शुरू हो गई हैं, जो मेले की रौनक को और बढ़ा देंगी।
उदरासर और सुरजनसर गांवों से वीर बिग्गाजी महाराज के भक्त पदयात्राएं निकालेंगे। उदरासर से शनिवार को सुबह पैदल यात्री संघ रवाना होगा। ओमप्रकाश जाखड़ के अनुसार, विधि-विधान से सुबह सवा नौ बजे पूजन-अर्चना के बाद बिग्गाजी के भक्त जयकारों के साथ रवाना होंगे। संघ के पदयात्री बिग्गा में आयोजित शनिवार रात्रि जागरण में शामिल होंगे। संघ सदस्यों ने पदयात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
सुरजनसर गांव से भी शनिवार सुबह सवा आठ बजे अखंड ज्योत के साथ सालासर पैदल यात्री संघ रवाना होगा। संघ अध्यक्ष भंवरलाल शर्मा ने बताया कि संघ की यह 18वीं फेरी होगी। सभी पदयात्री ठाकुरजी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना में भाग लेंगे और अखंड ज्योत के साथ रवाना होंगे। सभी यात्री सफेद टीशर्ट, सफेद पायजामा व लाल दुपट्टा में होंगे। हनुमान डूडी ने बताया कि गांव से करीब 200 पदयात्री गाजे-बाजे के साथ रवाना होंगे। विशाल संघ की यात्रा संबंधी सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
उधर, कोटासर की श्रीकरणी गौशाला में पापमोचनी एकादशी पर दानदाताओं ने गौसेवा में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। मुंबई प्रवासी व श्रीडूंगरगढ़ निवासी सुरेंद्र कुमार छाजेड़ परिवार सहित गौशाला अवलोकन के लिए पहुंचे और गौवंश को गुड़ खिलाकर सेवा दी। गंगाशहर निवासी राजेंद्र कुमार जोशी एवं पारेवड़ा निवासी कैलाश कुमार, बजरंग लाल सुथार ने भी परिवार सहित गुड़ सेवा का लाभ लिया। समिति के मांगीलाल सुथार और गौशाला सदस्यों ने दानदाताओं को दुपट्टा पहनाकर गौशाला का स्मृति चिह्न देकर आभार जताया।