श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में लोक देवता वीर बिग्गाजी महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा है। इसी श्रद्धा का प्रतीक, उनका वार्षिक मेला आगामी 4 अक्टूबर को शीश देवली धाम रीड़ी और धड़ देवली धाम बिग्गा में आयोजित होने जा रहा है। मेले में दूर-दूर से हज़ारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया जा रहा है। वीर बिग्गाजी मानव सेवा संस्थान के कार्यकर्ता भी तन-मन से जुटे हुए हैं, जिन्होंने सफाई अभियान चलाकर मंदिर प्रांगण को स्वच्छ और सुंदर बनाया है।
मोमासर बास में श्रीकरणी चौक से एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहाँ से देशनोक के लिए पैदल यात्री संघ अखंड ज्योत के साथ गाजे-बाजे से रवाना हुआ। युवा माँ करणी के जयकारों और भजनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे, जिनमें भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम दिखाई दे रहा था।
संघ के अध्यक्ष जोराराम जाट ने बताया कि यह संघ की 45वीं फेरी है, और इसी उपलक्ष्य में इस बार अखंड ज्योत का आयोजन किया गया है। मोहल्लेवासियों ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों को शुभकामनाएं दीं, मानो उनके संकल्प को और भी मजबूत कर दिया हो।
उपजिला अस्पताल के पास स्थित कालका माता मंदिर में नवरात्र के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। फलौदी से आए कुशल कलाकारों ने माता के दिव्य स्वरूपों की सुंदर झांकियां सजाई हैं, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं।
पंडित जग्गू महाराज द्वारा माता की विशेष ज्योत आरती की जा रही है। मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष हनुमानमल डागा, व्यवस्थापक रमेश मूंधड़ा और अन्य सदस्य जैसे मालचंद बोथरा, हरी सुनार, जाजू पुरी इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। मानचंद डागा, अशोक झाबक, जय उपाध्याय, सुनील जाजू और शुभम बोथरा भी व्यवस्थाओं की देखरेख में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
श्रीडूंगरगढ़ में इन आयोजनों से भक्ति, सेवा और सामुदायिक भावना का एक सुंदर वातावरण बना हुआ है। ये मेले और अनुष्ठान न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि लोगों को एक साथ आने और अपनी संस्कृति को मनाने का अवसर भी प्रदान करते हैं।