श्रीडूंगरगढ़, 20 नवंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक, जो अपनी जीवंत संस्कृति और मिट्टी की खुशबू के लिए जाना जाता है, एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान के लिए तैयार है। आगामी 23, 24 और 25 नवंबर को यहाँ पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के नौनिहालों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है।
इस अभियान का मुख्य दिन 23 नवंबर, रविवार होगा। इस दिन, पूरे क्षेत्र में 157 बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ 46,836 बच्चों को जीवन की दो बूंदें पिलाई जाएंगी। यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, जिसके लिए चिकित्सा विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।
अभियान की पूर्व तैयारी गुरुवार को शुरू हो गई। उपजिला अस्पताल के सभागार में 17 सेक्टर चिकित्सा अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में, सभी अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में अभियान की सफलता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सोनी ने बताया कि 23 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक उपखंड क्षेत्र के सभी 157 बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद, 24 और 25 नवंबर को चिकित्सा कर्मचारी घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण टीके से वंचित न रहे।
डॉ. सोनी ने यह भी बताया कि 17 सेक्टर के चिकित्सा अधिकारी शुक्रवार और शनिवार को अपने-अपने क्षेत्रों में मेडिकल कर्मचारियों को अभियान से संबंधित प्रशिक्षण देंगे। यह प्रशिक्षण उन्हें दवा पिलाने की सही तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराएगा।
ब्लॉक प्रोग्रामर राकेश थालोड ने बताया कि गुरुवार को एक अन्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और सहायिकाओं ने भाग लिया। इन सभी कार्यकर्ताओं को अभियान की पूरी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर सकें और बच्चों को बूथ तक लाने में मदद कर सकें।
थालोड ने बताया कि पूरे क्षेत्र में 8 कोल्ड चेक पॉइंट बनाए गए हैं, जहाँ से दवा का वितरण किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दवा हर समय उचित तापमान पर रहे, ताकि उसकी प्रभावशीलता बनी रहे। अभियान को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए 6 बूथों पर एक सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है और क्षेत्र में कुल 30 सुपरवाईजर लगाए गए हैं।
उपजिला अस्पताल प्रभारी डॉ. एसके बिहाणी ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ शहर में 30 बूथ बनाए गए हैं और 10 हजार बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अन्य बूथ ग्रामीण अंचल में हैं, ताकि दूर-दराज के बच्चों तक भी आसानी से पहुंचा जा सके। दोनों ही प्रशिक्षण कार्यशालाओं में अनेक चिकित्सा कर्मियों ने भाग लिया।
यह अभियान न केवल एक टीकाकरण कार्यक्रम है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें चिकित्सा विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और स्थानीय समुदाय सभी मिलकर काम कर रहे हैं। यह श्रीडूंगरगढ़ के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।