डूंगरगढ़, 28 अक्टूबर, 2025। संत कर्मा बाई बालिका छात्रावास, जो बालिकाओं के लिए शिक्षा का मंदिर है, अब एक नई दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। बापेऊ के दानदाता परिवार ने छात्रावास में 3.51 लाख रुपए की लागत से एक ई-लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की है, जो छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का काम करेगी।
यह उदार पहल स्वर्गीय ईमरती देवी और स्वर्गीय मंगलाराम ज्याणी की स्मृति में उनके परिवार – चेतनराम ज्याणी (सरपंच), रामप्रताप, ज्ञानाराम और लेखराम ज्याणी – द्वारा की गई है। परिवार का मानना है कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो बालिकाओं को सशक्त बना सकती है और उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर सकती है।
संस्था के मंत्री सुशील सेरडिया ने बताया कि ई-लाइब्रेरी में छात्राओं के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी। यह पहल छात्राओं को आधुनिक शिक्षा के साथ कदम मिलाकर चलने में मदद करेगी।
छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने दानदाता परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस ई-लाइब्रेरी से छात्राओं को आधुनिक शिक्षा संसाधनों तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे वे बेहतर ढंग से अध्ययन कर पाएंगी।
इस घोषणा के अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी भंवरलाल जानूं, मोडाराम तरड़, मास्टर प्रभुराम बाना, कानाराम तरड़, हरिराम बाना, मोटाराम चोटिया, सहिराम आर्य, खुमाराम जाखड़, हंसराज गोदारा, भंवरलाल जाखड़, वार्डन संगीता बेनीवाल, हरलाल भाम्भू और रामनिवास जाखड़ जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यह छात्रावास की छात्राओं के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा।
यह घटना न केवल एक ई-लाइब्रेरी के निर्माण की घोषणा है, बल्कि यह उस अटूट विश्वास का भी प्रतीक है जो समाज को शिक्षा के प्रति है। यह एक प्रेरणा है कि कैसे सामूहिक प्रयास से शिक्षा को सुलभ और आधुनिक बनाया जा सकता है, और कैसे हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य दे सकते हैं।