इस अवसर पर नगरपालिका चेयरमैन मानमल शर्मा और विप्र फाउंडेशन के जिला महामंत्री आईदान पारीक (धनेरू) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। समाजसेवी रामदेव बोहरा, तहसील अध्यक्ष एड. प्रवीण पालीवाल, पं. कैलाश आसोपा, ओमप्रकाश पुजारी, ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द पारीक, जगदीश कुदाल, अशोक व्यास, गजानंद शर्मा (धीरदेसर), श्याम पालीवाल, पवन उपाध्याय, रजत आसोपा, और मूलचंद पालीवाल जैसे अनेक प्रबुद्धजन भी इस पावन अवसर के साक्षी बने।
प्रखरजी महाराज ने अपने संबोधन में वर्तमान विश्व की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज मानवता अराजकता और आतंकवाद से त्रस्त है। इस पीड़ा से मुक्ति और विश्व में शांति की स्थापना के लिए उन्होंने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी 8 मार्च से 19 अप्रैल तक तीर्थराज पुष्कर में मणिवैदिका पीठ पर 200 कुण्डीय गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ और 100 पुरश्चरण में 24 करोड़ गायत्री जप का आयोजन किया जाएगा।
अपने प्रवचन में महाराज ने गायत्री उपासना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र में असीम शक्ति है, जिसके माध्यम से शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार किया जा सकता है। उन्होंने श्रीडूंगरगढ़ के ब्राह्मण समाज को इस महायज्ञ में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया, ताकि सामूहिक प्रयासों से विश्व में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
प्रखरजी महाराज का यह आह्वान निश्चित रूप से श्रीडूंगरगढ़ के समाज को एक नई दिशा देगा और उन्हें विश्व शांति के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा।