श्रीडूंगरगढ़ में निराश्रित गौवंश को लेकर प्रशासन सक्रिय, दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास
डूंगरगढ़, 8 अगस्त, 2025: श्रीडूंगरगढ़ में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर निराश्रित घूम रहे गौवंश की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को उपखंड कार्यालय में उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत समिति स्तरीय गोपालन समिति और गौशाला संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पंजीकृत और सरकार से अनुदान प्राप्त सभी गौशालाएं अपनी क्षमता के अनुसार निराश्रित गौवंश और नंदी को आश्रय प्रदान करेंगी। इस पहल का उद्देश्य सड़कों पर निराश्रित पशुओं की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है।
सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता:
बैठक में उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा ने शहरी क्षेत्र में रात के समय गौवंश के कारण हो रही दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी और ब्लॉक वेटरनरी हेल्थ ऑफिसर को निर्देश दिए कि निराश्रित पशुओं की टैगिंग करवाकर उन्हें नजदीकी गौशालाओं में भिजवाया जाए।
स्थानीय सर्वे से चिन्हीकरण:
प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से रात में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं का सर्वे कराएगा। सर्वे के बाद पशुओं को चिन्हित कर टैग किया जाएगा और नजदीकी गौशालाओं के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें वहां स्थानांतरित किया जाएगा।
दुधारू पशुओं को खुले में छोड़ने पर सख्ती:
बैठक में अधिशाषी अधिकारी ने यह भी बताया कि कुछ पशुपालक अपने दुधारू पशुओं को भी दिनभर खुले में छोड़ देते हैं। इस पर उपखंड अधिकारी ने पशुपालकों से अपील की कि वे पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बरतें और उन्हें किसी भी स्थिति में खुले में न छोड़ें।
गौशालाओं का भौतिक सत्यापन:
उपखंड अधिकारी ने तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा और विकास अधिकारी मनोज कुमार धायल को सभी पंजीकृत गौशालाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन के दौरान गौशालाओं में मौजूद कुल गौवंश की संख्या, टैगिंग की स्थिति, ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण और मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी।
रेडियम बेल्ट का उपयोग:
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपखंड अधिकारी ने पशुपालन विभाग और समिति को समन्वय स्थापित कर समय-समय पर अभियान चलाकर निराश्रित गौवंश के गले में रेडियम बेल्ट लगाने के निर्देश दिए हैं। रेडियम बेल्ट रात के समय वाहन चालकों को दूर से ही पशुओं की मौजूदगी के बारे में जानकारी देगी, जिससे दुर्घटनाओं से बचाव हो सकेगा।
इस पहल से श्रीडूंगरगढ़ में निराश्रित गौवंश की समस्या का समाधान होने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और गौशाला संचालकों से सहयोग की अपील की है।