कार्यक्रम की शुरुआत साध्वीवृंद शांतिप्रभा, कमलविभा, मुदिताश्री, कर्तव्ययशा, श्रेयसप्रभा और प्रेक्षाप्रभा के मंगलाचरण से हुई, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात साध्वी पुनीतप्रभा, ऋजुप्रज्ञा, शांतिप्रभा और कमलविभा ने अपने विचारों से उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में भाई विवेक भंसाली की पखवाड़े की तपस्या की अनुमोदना का आयोजन हुआ। इस अवसर पर श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के मंत्री प्रदीप पुगलिया, तेरापंथ युवक परिषद के सहमंत्री सुमित बरडिया, तेरापंथ महिला मंडल की कोषाध्यक्ष सुमन पुगलिया, तेरापंथ किशोर मंडल के शुभम बोथरा, विमला देवी मालू, टीटलागढ़ से आए निर्मल जैन, तपस्वी के परिवार से संपतदेवी मालू और मंजू झाबक ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने तपस्वी विवेक भंसाली की तपस्या को सराहते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। विवेक भंसाली की अनुमोदना गीतिका और वक्तव्यों के माध्यम से की गई, जिससे माहौल भक्ति और सम्मान से सराबोर हो गया।
सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी संगीतश्री एवं डॉ. साध्वी परमप्रभा ने विकास महोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन संघ के आध्यात्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक विकास का प्रतीक है। उन्होंने तपस्या को आत्मशुद्धि का मार्ग बताते हुए समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी बताया। साध्वीवृंद ने अपने प्रवचनों से उपस्थित जन समुदाय को धर्म के मार्ग पर चलने और समाज के विकास में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद के पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य और समाज के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। तपस्वी विवेक भंसाली का सम्मान साहित्य भेंट कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला मंडल की उपाध्यक्ष मधु झाबक ने कुशलतापूर्वक किया।
यह आयोजन श्रीडूंगरगढ़ में तेरापंथ धर्मसंघ की एकता, श्रद्धा और सामाजिक चेतना का जीवंत प्रमाण था।