दिन चढ़ने के साथ, मंडी में विभिन्न जिंसों के भावों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहाँ कुछ जिंसों के भावों में तेजी आई, वहीं कुछ में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
आज मूंगफली के भावों में मामूली मंदी का रुख रहा, जिससे किसानों के चेहरे पर थोड़ी चिंता की लकीरें दिखाई दीं। हालाँकि, ईसबगोल, जीरा और मैथी के भावों में सुधार ने व्यापारियों को राहत की सांस दी।
चने और रूसी चने के भावों में भी कुछ नरमी देखी गई, वहीं खल के भाव भी थोड़े नीचे आए।
किसानों और व्यापारियों के लिए आज के भाव इस प्रकार रहे:
* ग्वार: ₹4350/- से ₹4400/- प्रति क्विंटल
* ग्वार काला: ₹4100/- से ₹4250/- प्रति क्विंटल
* मोठ: ₹4000/- से ₹4500/- प्रति क्विंटल
* दागी मोठ: ₹3500/- से ₹4000/- प्रति क्विंटल
* चना: ₹5100/- से ₹5250/- प्रति क्विंटल
* रूसी चना: ₹5000/- से ₹5200/- प्रति क्विंटल
* मैथी नई: ₹4300/- से ₹5200/- प्रति क्विंटल
* गेहूं: ₹2500/- से ₹2600/- प्रति क्विंटल
* गेहूं 1482: ₹2800/- से ₹3000/- प्रति क्विंटल
* बाजरी: ₹2450/- से ₹2550/- प्रति क्विंटल
* बाजरी देसी: ₹3000/- से ₹3600/- प्रति क्विंटल
* तारामीरा नया: ₹5400/- से ₹5500/- प्रति क्विंटल
* सरसों नई: ₹5000/- से ₹6000/- प्रति क्विंटल
* पीली सरसों: ₹6000/- से ₹6800/- प्रति क्विंटल
* ईसबगोल नया: ₹9500/- से ₹11200/- प्रति क्विंटल
* पैकेट ईसबगोल: ₹11000/- से ₹12500/- प्रति क्विंटल
* जीरा नया: ₹16000/- से ₹18500/- प्रति क्विंटल
* मूंग नया: ₹6000/- से ₹6900/- प्रति क्विंटल
* दागी मूंग: ₹5000/- से ₹6000/- प्रति क्विंटल
* मूंगफली खला नया: ₹5000/- से ₹6501/- प्रति क्विंटल
* सिकाई मूंगफली: ₹5500/- से ₹6000/- प्रति क्विंटल
* मूंगफली चुगा नया: ₹5000/- से ₹5800/- प्रति क्विंटल
* मूंगफली दाल: ₹5200/- से ₹5850/- प्रति क्विंटल
* मूंगफली कल्याणी: ₹3500/- से ₹4500/- प्रति क्विंटल
* मूंगफली बोबरू: ₹3500/- से ₹4200/- प्रति क्विंटल
* मूंगफली गोटा फ्रेश: ₹6000/- से ₹6500/- प्रति क्विंटल
* तिल: ₹9500/- से ₹10000/- प्रति क्विंटल
* मतीरा बीज: ₹15000/- प्रति क्विंटल
* काकरिया बीज: ₹12000/- प्रति क्विंटल
* जौ नया: ₹2150/- से ₹2200/- प्रति क्विंटल
* नई खल (जानकी ब्रांड): ₹3300/- से ₹3680/-
* मूंग चूरी (40kg): ₹900/- से ₹1100/-
* मोठ चूरी (40kg): ₹850/- से ₹1000/-
* नया धाना: ₹5200/- से ₹9800/-
* नरमा: ₹7000/- से ₹7800/-
मंडी में जिंसों के भावों में होने वाले इस तरह के उतार-चढ़ाव अर्थव्यवस्था का एक अभिन्न हिस्सा हैं। ये भाव न केवल किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी इनका सीधा असर पड़ता है।
आने वाले दिनों में मंडी में जिंसों के भावों में क्या रुख रहेगा, यह कहना मुश्किल है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि मांग और आपूर्ति के समीकरणों के साथ-साथ मौसम और अन्य बाहरी कारकों का भी इन भावों पर असर पड़ेगा।